छात्रों की मांगों पर घिरा BRABU, भूख हड़ताल के बीच वित्तीय मामलों की जांच के आदेश
- Post By Admin on Oct 03 2026
मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विश्वविद्यालय और लंगट सिंह कॉलेज से जुड़ी छात्र समस्याओं को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अभी थमा नहीं है। छात्र अपनी मांगों को लेकर धरना और भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। शुक्रवार को अनशन कर रहे कुछ विद्यार्थियों की तबीयत खराब होने के बाद धरना स्थल पर चिकित्सकीय टीम और एंबुलेंस पहुंची। डॉक्टरों ने छात्रों की जांच की और उनकी स्थिति के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया। अत्यधिक कमजोरी और शरीर में पानी की कमी की शिकायत के बाद चिकित्सकों ने आवश्यक चिकित्सा सहायता भी दी।
आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रशासन की ओर से पहले भी कई मुद्दों पर समाधान का भरोसा दिया गया था, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी को लेकर छात्रों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाया है। विद्यार्थियों की प्रमुख मांगों में छात्रावास का आवंटन, बंद पड़े छात्रावासों को फिर से शुरू करना, नामांकन के दौरान लिए गए शुल्क से जुड़ी शिकायतों का समाधान, पुस्तकालय में जरूरी पुस्तकों की व्यवस्था और प्रयोगशालाओं को नियमित रूप से संचालित करना शामिल है।
अनशन के दौरान छात्रों की स्वास्थ्य स्थिति खराब होने से आंदोलन स्थल पर चिंता का माहौल भी बना। इसके बावजूद आंदोलन में शामिल विद्यार्थियों ने अपनी मांगों से पीछे हटने से इनकार किया। धरना स्थल पर दूसरे विद्यार्थी भी पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को लेकर ठोस पहल नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इधर, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय से जुड़े एक अलग मामले में वित्तीय अनियमितता की शिकायतों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति में लोकभवन के विशेष कार्य पदाधिकारी रोहित राज सिंह, आंतरिक वित्तीय सलाहकार राणा सुजीत कुमार और सहायक आंतरिक वित्तीय सलाहकार मृत्युंजय कुमार को शामिल किया गया है। समिति को मामले की जांच कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
वित्तीय जांच का मामला विश्वविद्यालय में यूएमआईएस का काम करने वाली एजेंसी की शिकायत से जुड़ा है। एजेंसी की ओर से अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन और वित्तीय लेन-देन में अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार शर्मा ने वित्तीय कार्यों में किसी तरह की अनियमितता से इनकार किया है और कहा है कि जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छात्र आंदोलन के बीच वित्तीय मामलों की जांच के लिए समिति गठित होना विश्वविद्यालय के लिए एक नया घटनाक्रम है। फिलहाल छात्रों की मांगों पर प्रशासन की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है और जांच समिति अपनी रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष देती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।