दुर्गा पूजा और बालिका दिवस पर पर्यावरण भारती ने किया वृक्षारोपण, प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश

  • Post By Admin on Oct 11 2026
दुर्गा पूजा और बालिका दिवस पर पर्यावरण भारती ने किया वृक्षारोपण, प्रकृति संरक्षण का दिया संदेश

लखीसराय : दुर्गा पूजा के शुभारंभ और अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण तथा नारी शक्ति के सम्मान का संदेश देते हुए पर्यावरण भारती की ओर से 11 अक्टूबर 2026 को चानन प्रखंड के वृंदावन, किऊल में देव वृक्ष पाकड़ का पौधारोपण किया गया। पौधारोपण कार्यक्रम का नेतृत्व शिक्षक अरविंद कुमार ने किया। इस पहल के माध्यम से प्रकृति की रक्षा, हरित वातावरण के निर्माण और बालिकाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।

पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शांडिल्य ने कहा कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि नारी शक्ति के सम्मान, प्रकृति की वंदना और समस्त सृष्टि के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है। भारतीय संस्कृति में प्रकृति को माता का दर्जा दिया गया है। मां दुर्गा को जगत जननी और आदिशक्ति के रूप में पूजा जाता है, जो सृष्टि की रक्षा और कल्याण का प्रतीक हैं।उन्होंने कहा कि पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि और आकाश जैसे पंचमहाभूतों से ही जीवन संभव है। नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना शक्ति, साधना, आत्मविश्वास, संयम और सकारात्मकता का संदेश देती है। शारदीय नवरात्रि ऋतु परिवर्तन का समय भी है, इसलिए इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के साथ अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना जरूरी है।

राम बिलास शांडिल्य ने प्रकृति और मानव जीवन के संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि जिस प्रकार मां अपने बच्चों का पालन-पोषण करती हैं, उसी प्रकार प्रकृति मानव को अन्न, जल, ऑक्सीजन और औषधियां प्रदान करती है। इसलिए दुर्गा पूजा के अवसर पर प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने पर्यावरण असंतुलन पर चिंता जताते हुए कहा कि दुनिया ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई, जल संकट और प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। कचरे के बढ़ते ढेर भी पर्यावरण के लिए बड़ी समस्या बन रहे हैं। उन्होंने लोगों से हरे पेड़ों की रक्षा करने, जल और जमीन को बचाने तथा अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। साथ ही अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने पर जोर दिया। पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर उन्होंने कहा कि धरती पर हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से अपने आसपास कम से कम दस पेड़ लगाने और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

पर्यावरणविद अवनीश प्रिंस ने अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसकी शुरुआत बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा, पोषण और कानूनी समानता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हुई। वर्ष 2026 की थीम ‘बाल विवाह समाप्त करें और बालिकाओं के अधिकारों में निवेश करें’ है। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की आराधना और बालिका दिवस के अवसर पर पौधारोपण करना प्रकृति संरक्षण तथा नारी सम्मान के संदेश को एक साथ आगे बढ़ाने वाला प्रयास है। कार्यक्रम में गरिमा यादव, वीणा देवी, शिक्षक अरविंद कुमार, अवनीश प्रिंस, हिमालय, राम बिलास शांडिल्य, संजय कुमार, अनिल, संजीव चंद्रवंशी, केशव सुंदरम और राकेश सहित अन्य लोगों ने भाग लिया। सभी ने पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।