धर्म समाचार
- Post by Admin on Oct 22 2025
नई दिल्ली : दीपावली के पांच दिवसीय पर्व का समापन भाई दूज के शुभ अवसर पर होता है, जो भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के अटूट रिश्ते का प्रतीक है। यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है और इसे यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। रक्षाबंधन की तरह ही इस दिन बहन अपने भाई के दीर्घायु, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करते हुए तिलक करती है, आरती उतारती है औ read more
- Post by Admin on Oct 14 2025
उत्तरप्रदेश : बीते कुछ दिनों से संत प्रेमानंद महाराज का स्वास्थ्य गड़बड़ चल रहा था। अब प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिला है। स्वास्थ्य को लेकर तमाम अफवाहों के बीच प्रेमानंद महाराज ने आश्रम केली कुंज से निकलकर सोमवार को भक्तों को दर्शन दिए। उनके दर्शन कर हजारों भक्त भावुक हो गए और राधे राधे के जमकर जयकारे लगे। संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा को क read more
- Post by Admin on Oct 09 2025
नई दिल्ली : इस बार कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि पर एक अद्भुत संयोग बन रहा है। शुक्रवार को करवा चौथ, वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी और मासिक कार्तिगाई दीपम तीनों पर्व एक साथ पड़ रहे हैं, जिससे यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जा रहा है। इसे ‘त्रिवेणी योग’ का नाम दिया जा रहा है। पंचांग के अनुसार शुक्रवार को सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा वृषभ राशि read more
- Post by Admin on Oct 05 2025
नई दिल्ली : 18 अक्टूबर को देशभर में धनतेरस का महापर्व मनाया जाएगा। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा का विशेष महत्व है, जिन्हें निरोगी जीवन और सुख-समृद्धि का देवता माना जाता है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित सुड़िया का धन्वंतरि मंदिर इस पर्व के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यह मंदिर लगभग 300 साल पुराना है और यहाँ की अष्टधातु की मूर्ति में भगवान हाथ में अमृत कलश, सुदर्शन चक read more
- Post by Admin on Oct 05 2025
वाराणसी : दीपावली के आने से पहले तिथि को लेकर चल रही भ्रम की स्थिति अब खत्म हो गई है। काशी विद्वत परिषद के महामंत्री रामनारायण द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि इस बार दिवाली 20 अक्टूबर को ही मनाई जाएगी। रामनारायण द्विवेदी ने आईएएनएस से कहा, “कुछ कथाकथित पंचांगकारों ने दिवाली 21 अक्टूबर का अंकित कर दिया था, लेकिन राष्ट्रीय बैठक में बड़े धर्म शास्त्रियों और आचार्यों के साथ read more
- Post by Admin on Oct 03 2025
नई दिल्ली : आश्विन मास शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि इस वर्ष शनिवार को पड़ रही है। इस दिन पद्मनाभ द्वादशी और शनि प्रदोष व्रत एक साथ पड़ने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है। द्रिक पंचांग के अनुसार, द्वादशी तिथि 3 अक्टूबर शाम 6:32 बजे से शुरू होकर 4 अक्टूबर शाम 5:09 बजे तक रहेगी। इसी दिन प्रदोष काल में शनि प्रदोष व्रत का पालन भी किया जाएगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:46 से दोपहर 12:33 तक और राहुकाल read more
- Post by Admin on Sep 26 2025
नई दिल्ली : आश्विन मास शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यायनी को समर्पित होता है। शक्ति और साहस की प्रतीक मां कात्यायनी की आराधना इस दिन विशेष फलदायी मानी जाती है। मान्यता है कि विधि-विधान से पूजा करने पर शीघ्र विवाह, वैवाहिक जीवन में खुशहाली और शत्रुओं पर विजय का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ज्योतिषीय स्थिति और शुभ मुहूर्त द्रिक पंचांग के read more
- Post by Admin on Sep 25 2025
नई दिल्ली : आश्विन मास की शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि पर शुक्रवार को नवरात्रि का पांचवां दिन है। इस दिन मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की जाती है, जो माता पार्वती का मातृत्वपूर्ण रूप हैं। उनकी आराधना से संतान सुख, आध्यात्मिक विकास, ज्ञान और शक्ति की प्राप्ति होती है, साथ ही परिवार में सुख-समृद्धि आती है। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा दोपहर 3:23 बजे read more
- Post by Admin on Sep 24 2025
भोपाल : शारदीय नवरात्रि पर मध्य प्रदेश के प्राचीन शक्तिपीठों में भक्तों का तांता लगा हुआ है। देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों की आराधना और साधना के इस महापर्व पर श्रद्धालु प्रदेश के उज्जैन, अमरकंटक और अन्य पवित्र स्थलों पर पहुंचकर माता की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। अवंति शक्तिपीठ (उज्जैन): शिप्रा नदी के पूर्वी तट पर स्थित अवंति शक्तिपीठ, जिसे भैरव पर्वत मंदिर भी कहा जा read more
- Post by Admin on Sep 23 2025
नई दिल्ली : शारदीय नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-आराधना विशेष श्रद्धा और विधिपूर्वक की जाती है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी का महत्व सबसे अधिक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से जीवन में तप, त्याग, संयम और सदाचार की शक्ति मिलती है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में मां ब्रह्मचारिणी के तीन प्रमुख मंदिर विशे read more