धर्म समाचार
- Post by Admin on Nov 13 2024
मुजफ्फरपुर : तुलसी भारतीय संस्कृति का एक अति पवित्र और औषधीय पौधा है, जिसे सनातन परंपरा में विष्णु प्रिया कहा जाता है। विशेष रूप से कार्तिक माह में तुलसी की महिमा और गरिमा का वर्णन विभिन्न पुराणों में किया गया है, जैसे कि पद्म पुराण, स्कंद पुराण और शिव पुराण। तुलसी के बीज और मंजरी के गुण न केवल देवताओं के लिए, बल्कि औषधि के रूप में भी अत्यधिक उपयोगी माने जाते हैं। तुलसी की ठread more
- Post by Admin on Nov 12 2024
राँची : हिंदू पंचांग के अनुसार, आज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी का पर्व मनाया जा रहा है। वैदिक पंचांग के मुताबिक, देवउठनी एकादशी तिथि 11 नवंबर की शाम 6:46 बजे शुरू हुई थी और इसका समापन 12 नवंबर को शाम 4:04 बजे होगा। उदयातिथि के अनुसार, इस बार देवउठनी एकादशी का व्रत आज 12 नवंबर को रखा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु ठread more
- Post by Admin on Nov 11 2024
मुजफ्फरपुर : पं. जय किशोर मिश्र ने कार्तिक माह के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह समय आध्यात्मिक उन्नति और पुण्य अर्जन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि पावन कार्तिक माह में विशेष रूप से 12 नवंबर को नारायण मंगलवार के दिन श्री हरि नारायण अपने ब्रह्मांड के लोक कल्याणकारी कार्यों में लग जाएंगे। इस दिन, संध्या में पूर्ण रूप से विश्राम त्याग कर भगवान नारायण अपनॠread more
- Post by Admin on Nov 02 2024
मुजफ्फरपुर : 2 नवंबर 2024, शनिवार से कार्तिक शुक्ल पक्ष का आरंभ हो गया है। इस पवित्र पक्ष को भगवान श्रीकृष्ण ने सत्यभामा से 'पुण्य और अमृत की त्रिवेणी' के रूप में वर्णित किया था। द्वापर युग में, श्रीकृष्ण के द्वारका आगमन से यहाँ नववर्ष का आरंभ हुआ। पं. जय किशोर मिश्र के अनुसार, इस पक्ष में स्वाति और विशाखा नक्षत्रों का विशेष प्रभाव होता है, जो वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर देà read more
- Post by Admin on Oct 29 2024
नई दिल्ली : मंगलवार, 29 अक्टूबर एवं बुधवार, 30 अक्टूबर को दिवा 1:04 PM तक धन त्रयोदशी है। संध्या काल में 11वें रुदावतार हनुमानजी का जन्मोत्सव है। अमृतमय नक्षत्र हस्त रात 10:27 PM तक हैं। गुरुवार, 31 अक्टूबर को दीपावली मनाई जाएगी। वही शुक्रवार, 1 नवंबर को स्वाति नक्षत्र युक्त प्रदोष व्यापनी अमावस्या है। अर्द्धरात्रि में यमघंट योग के साथ यम परिवार का भूमंडल पर आगमन होता है। यम परिवार के ठread more
- Post by Admin on Oct 29 2024
नई दिल्ली : धनतेरस का त्योहार कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है. पंचांग के अनुसार, इस साल धनतेरस का त्योहार, मंगलवार 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा.माना जाता है कि धनतेरस के दिन के दिन धन्वंतरि देव और कुबेर की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है. पंचांग के अनुसार, हर बार की तरह इस साल भी धनतेरस पर राहु काल का साया रहेगा. ऐसे में आइए जानते हैं कि धनतेरस के दिन à read more
- Post by Admin on Oct 18 2024
सनातन धर्मावलंबियों ने आज यानि 18 अक्तूबर से पवित्र कातिक माह का शुभारंभ कर दिया हैं। इस अवसर पर भोर में श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया और दीप प्रज्वलित कर प्रकृति की उपासना में हिस्सा लिया। प्रातः काल से ही तुलसी, जलाशयों और देवालयों में दीपदान आरंभ हो गया, जिससे वातावरण में भक्ति और आस्था की सुगंध फैल गई है। कार्तिक माह का महत्व : कातिक माह सनातन धर्म में पुण्य का à read more
- Post by Admin on Oct 16 2024
साल के 12 महीनों में एक पूर्णिमा ऐसी है, जो सभी पूर्णिमा से सर्वश्रेष्ठ होती है और वो है शरद पूर्णिमा, क्योंकि इस पूर्णिमा में चंद्रमा की किरणों से अमृत की वर्षा होती है यानि तन, मन और धन सभी की दृष्टि से यह पूर्णिमा बहुत खास मानी गई है। शरद पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है प्रतिवर्ष आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाने वाली शरद पूर्णिमा का धार्मिक और ज्योà read more
- Post by Admin on Oct 11 2024
नई दिल्ली : सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैर सुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।। माँ दुर्गाजी की नवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री है। नव दुर्गाओंमें माँ सिद्धिदात्री अन्तिम हैं। नवरात्र-पूजन के नवें दिन इनकी उपासना की जाती है।अन्य आठ दुर्गाओं की पूजा-उपासना शास्त्रीय विधि-विधान के अनुसार करते हुए भक्त दुर्गा पूजा के नवें दिन इनकी उपास read more
- Post by Admin on Oct 10 2024
नई दिल्ली : श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः । महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥ माँ दुर्गाजी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। इनका वर्ण पूर्णत: गौर है। इस गौरता की उपमा शंख, चन्द्र और कुन्द के फूलसे दी गयी है। इनकी आयु आठ वर्ष की मानी गयी है। दुर्गापूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। माँ महागौरी का स्वरूप : read more