विविध समाचार

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सावित्रीबाई फुले: नारी शिक्षा की अगुवा जिन्होंने समाज की बेड़ियों को तोड़ा
  • Post by Admin on Jan 02 2026

नई दिल्ली : पुणे की संकरी गलियों में साल 1848 की एक सुबह एक महिला अपने घर से निकली। उसके हाथ में कुछ किताबें थीं और आंखों में एक अजीब सा आत्मविश्वास। जैसे ही वह सड़क पर आगे बढ़ी, गलियों के कोनों पर खड़े लोग फुसफुसाने लगे। अचानक एक पत्थर उनके कंधे पर आकर लगा। फिर उनके चेहरे पर कीचड़ उछाला गया और अपशब्दों की बौछार होने लगी, लेकिन वह महिला रुकी नहीं। उसे पता था कि आज फिर उसे स्   read more

सिंहावलोकन 2025 : ऑपरेशन सिंदूर से ड्रोन-युग तक, भारतीय सेना ने रचा इतिहास
  • Post by Admin on Dec 30 2025

नई दिल्ली : वर्ष 2025 भारतीय सेना के लिए रणनीतिक मजबूती, तकनीकी आत्मनिर्भरता और निर्णायक सैन्य कार्रवाइयों का साक्षी रहा। इस वर्ष सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी अहम सैन्य कार्रवाई से लेकर अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों के समावेश और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन तक कई बड़े माइलस्टोन हासिल किए। मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन ‘सिंदूर’ को अंजाम   read more

सिंहावलोकन : 2025 में भी नीतीश, बिहार में सुशासन बाबू का रुतबा रहा बरकरार
  • Post by Admin on Dec 22 2025

पटना : नए साल यानी 2026 के आने में अब एक सप्ताह ही समय बचा है। बिहार के लोग नए साल 2026 के स्वागत की तैयारी में जुट गए हैं। इस बीच, 2025 के गुजरे समय की घटनाओं की यादों को संजोए रखना चाहते हैं। इस वर्ष बिहार की राजनीति में कई युवा नेताओं के नाम भले उभरते दिखे, लेकिन 'सुशासन बाबू' के नाम से चर्चित नीतीश कुमार का जलवा इस साल भी बरकरार रहा। ‎इस साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कु   read more

गाली बनी पावर बूस्टर : विज्ञान ने खोला चौंकाने वाला कनेक्शन
  • Post by Admin on Dec 21 2025

नई दिल्ली : अक्सर गाली देना बदतमीजी या गुस्से की अभिव्यक्ति माना जाता है, लेकिन अब विज्ञान इसे एक अलग नजरिए से देख रहा है। हालिया शोध में दावा किया गया है कि गाली देना न केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया है, बल्कि यह शरीर की ताकत और हिम्मत को कुछ समय के लिए बढ़ा भी सकता है। यानी कठिन हालात में मुंह से निकली एक गाली शरीर के भीतर छुपी ऊर्जा को जगा सकती है। इस शोध का नेतृत्व ब्रिटेन   read more

सिंहावलोकन 2025 : राजनीतिक उथल-पुथल का साल, वक्फ से लेकर वंदे मातरम तक उठे सवाल
  • Post by Admin on Dec 17 2025

नई दिल्ली : साल 2025 अपने समापन के नजदीक है। देश के राजनीतिक परिदृश्य से यह साल काफी अहम रहा। पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों के बीच विवाद देखा गया। कई बड़े विवादों ने सत्ता, विपक्ष और जनता के बीच तनाव बढ़ाया। इनमें अंतरराष्ट्रीय तनाव से लेकर घरेलू चुनावी मुद्दे, कानूनी सुधार और सामाजिक मामले शामिल रहे। हम ऐसे ही कई मुद्दों को जानने की कोशिश करते हैं।  भारतीय राजनीति में   read more

सिंहावलोकन 2025: ऑपरेशन सिंदूर समेत दुनिया की वो बड़ी घटनाएं जिन्होंने सालभर सुर्खियां बटोरीं
  • Post by Admin on Dec 17 2025

नई दिल्ली : साल 2025 अब खत्म होने वाला है। 2025 का ये आखिरी महीना चल रहा है और इस साल कई अच्छी और बुरी घटनाएं हमें देखने को मिलीं। कुछ घटनाएं हमारी आंखों को नम कर गईं, तो कुछ घटनाएं दिलों को खुशियों से भर गईं। ऐसे में जानते हैं दुनिया की कुछ ऐसी घटनाएं, जिन्होंने खूब सुर्खियां बटोरीं।  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में आतंकियों ने घुसकर पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर उनकी हत   read more

सर्दी में स्क्रिन के लिए हाइड्रा फेशियल है हल्दी का लेप, जानें लाभ व उपयोग के तरीके
  • Post by Admin on Dec 14 2025

नई दिल्ली : हल्दी सिर्फ रसोई का स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं है, बल्कि आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल सदियों से शरीर के रोगों से लड़ने में किया जा रहा है। हल्दी संक्रमण और रोगों से बचाती है, लेकिन त्वचा के लिए किसी हाइड्रा फेशियल से कम नहीं है। ये शरीर को भीतर से विषमुक्त करती है, रक्त को शुद्ध रखती है और त्वचा के गहरे स्तरों तक सूजन, रूखापन और बैक्टीरियल प्रभाव को खत्म   read more

झपसी बरसात
  • Post by Admin on Oct 05 2025

बरसात आई, बदरा छाए,  गांव के रस्ते फिर दलदल पाए । तीन दिन से नभ झुका हुआ,  धरती का आंचल भीगा हुआ। कुएं का पानी , पोखर लबालब,  छत से टपके बूंदों का जलतरंग सब। मां कहे- "झपसी लागल रे बेटा !"  खेतन में सोने लगल है मेड़ा। गाय बंधी बथान में चुपचाप,  चूल्हा बुझा, उठे धुंआ आप। बालक खेले छप्पर के नीचे,  कागज की नाव चले धीरे-धीरे। पानी में भींगती है आस,   read more

वर्ल्ड स्माइल डे : एक मुस्कान, जो बदल सकती है किसी का दिन और जीवन
  • Post by Admin on Oct 03 2025

नई दिल्ली : जीवन की तेज़ रफ्तार और बढ़ते तनाव के बीच मुस्कुराना अब लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। कभी ऑफिस का दबाव, कभी घर की जिम्मेदारियां, कभी रिश्तों की उलझन और कभी भविष्य की चिंता—इन सबके बीच हम अक्सर अपनी मुस्कान खो देते हैं। लेकिन एक छोटी सी मुस्कान किसी का दिन बना सकती है और जीवन की दिशा बदल सकती है। इसी भावना के साथ हर साल अक्टूबर के पहले शुक्रवार को दुनिया   read more

बिहार की शिक्षा व्यवस्था संकट में : नारों और आंकड़ों की दौड़ में खो गई पढ़ाई
  • Post by Admin on Sep 29 2025

बिहार की शिक्षा व्यवस्था लगातार सवालों के घेरे में है। "सब पढ़ें, सब बढ़ें" जैसे नारों और "गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा" के स्लोगन के बीच अब सरकारी विद्यालयों की जमीनी हकीकत चिंताजनक हो गई है। शिक्षा विभाग के लगातार नए-नए प्रयोगों का खामियाजा सबसे ज्यादा दबे-कुचले और वंचित समाज के बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। विद्यालयों में पढ़ाई का वातावरण बनाने की बजाय आंकड़ों और डाटा संग्र   read more