असाइनमेंट लेखन और शोध पद्धति पर आरडीएस कॉलेज में विशेष कार्यशाला आयोजित

  • Post By Admin on Apr 04 2026
असाइनमेंट लेखन और शोध पद्धति पर आरडीएस कॉलेज में विशेष कार्यशाला आयोजित

मुजफ्फरपुर : आरडीएस कॉलेज के इतिहास विभाग के तत्वावधान में शनिवार को असाइनमेंट लेखन विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को शोध और अकादमिक लेखन के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराना तथा उन्हें बेहतर अध्ययन पद्धति के लिए प्रेरित करना था।

कार्यशाला के दौरान छात्रों को ऐतिहासिक साक्ष्यों के विश्लेषण, प्राथमिक और द्वितीय स्रोतों के उपयोग, सही संदर्भ देने की प्रक्रिया तथा अकादमिक लेखन कौशल के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही स्थानिक और मौखिक इतिहास के महत्व, डेटा के विश्लेषण तथा प्रभावी ढंग से प्रोजेक्ट फाइल तैयार करने के व्यावहारिक तरीकों पर भी प्रकाश डाला गया।

पीजी तृतीय सेमेस्टर के छात्रों को संबोधित करते हुए वरिष्ठ शिक्षक और सीनेट सदस्य डॉ. संजय कुमार सुमन ने कहा कि शोध लेखन में इतिहास की प्रासंगिकता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इतिहास के माध्यम से अतीत की घटनाओं, संस्कृतियों और मानवीय अनुभवों का विश्लेषण कर वर्तमान को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। इससे नीतिगत निर्णयों में सुधार तथा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्रों में आलोचनात्मक सोच और साक्ष्य आधारित विश्लेषण की क्षमता विकसित करते हैं, जिससे सामाजिक-आर्थिक विकास के पैटर्न को समझने और भविष्य के बेहतर निर्णय लेने में सहायता मिलती है।

विभागाध्यक्ष डॉ. एम. एन. रजवी ने अपने संबोधन में कहा कि असाइनमेंट लेखन के दौरान प्राथमिक और द्वितीयक स्रोतों का संतुलित उपयोग बेहद जरूरी है। इससे मानवीय गतिविधियों और ऐतिहासिक घटनाओं का सटीक पुनर्निर्माण और उनकी सही व्याख्या संभव हो पाती है।

कार्यशाला में डॉ. अजमत अली, डॉ. अनुपम कुमार, डॉ. ललित किशोर और डॉ. रविंद्र कुमार ने भी अपने विचार साझा किए तथा छात्रों को शोध कार्य में सावधानी और गंभीरता बरतने की सलाह दी। कार्यक्रम के अंत में डॉ. ललित किशोर ने धन्यवाद ज्ञापन किया।