मूल्यांकन भत्ता बंद करने पर शिक्षकों में आक्रोश, कॉपी जांच का किया बहिष्कार
- Post By Admin on Jul 22 2026
मुजफ्फरपुर : विश्वविद्यालय में सेमेस्टर-III (सत्र 2024-28) की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य के दौरान शिक्षकों का आक्रोश बुधवार को खुलकर सामने आया। मूल्यांकन भत्ता नहीं दिए जाने के विरोध में शिक्षकों ने स्वयं को मूल्यांकन कार्य से अलग कर लिया, जिससे पूरे दिन कॉपी जांच का कार्य पूरी तरह ठप रहा।
जानकारी के अनुसार, कुलपति के आदेश के तहत सेमेस्टर-III के मूल्यांकन कार्य के लिए शिक्षकों को सीए, टीए एवं होल्टेज (मूल्यांकन भत्ता) नहीं देने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले के विरोध में मूल्यांकन कार्य शुरू होने के साथ ही शिक्षकों ने कुलपति से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई। इसके बाद संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों के आह्वान पर सभी शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करते हुए अपने को कॉपी जांच से अलग कर लिया। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो वे पूरी तरह मूल्यांकन कार्य से अलग हो जाएंगे।
शिक्षकों का कहना है कि विश्वविद्यालय द्वारा मूल्यांकन भत्ता बंद किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। दूर-दराज के जिलों से आने वाले शिक्षकों ने कहा कि भत्ता नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे मूल्यांकन कार्य जारी रखना मुश्किल हो गया है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संबद्ध महाविद्यालय के शिक्षक डॉ. विनय कुमार विपिन ने कहा कि संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों को पिछले आठ वर्षों से कोई अनुदान नहीं मिला है। इसके बावजूद वे विश्वविद्यालय के मूल्यांकन कार्य में पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ योगदान देते रहे हैं। ऐसे में अचानक मूल्यांकन भत्ता बंद कर देना शिक्षकों के लिए मानसिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से पीड़ादायक है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पूर्व की व्यवस्था के अनुसार मूल्यांकन भत्ता बहाल करने की मांग की।
इस विरोध प्रदर्शन में डॉ. विनय कुमार विपिन, डॉ. शशि शेखर, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. अमरेंद्र नारायण सिंह, डॉ. पूनम कुमारी, डॉ. ललितेश नारायण प्रसाद, डॉ. रविशंकर, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. राकेश कुमार और डॉ. वीणा कुमारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल रहे। उनके आह्वान पर पूरे दिन मूल्यांकन कार्य बंद रहा।