मीनापुर-गायघाट के कथित 70 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच पर उठे सवाल

  • Post By Admin on Jul 22 2026
मीनापुर-गायघाट के कथित 70 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच पर उठे सवाल

मुजफ्फरपुर: मीनापुर और गायघाट प्रखंड के 46 विद्यालयों में आधारभूत संरचना मद के तहत बिना कार्य कराए कथित रूप से लगभग 70 करोड़ रुपये की निकासी के मामले में जांच प्रक्रिया को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। मामले के शिकायतकर्ता एवं छात्र राजद के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार ने आरोप लगाया है कि भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय पूरे मामले को दबाने और दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि उन्होंने 14 जून को मुख्यमंत्री सहयोग पोर्टल के माध्यम से विजिलेंस विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जिलाधिकारी की जांच में कथित वित्तीय अनियमितताएं सामने आने के बावजूद समाहरणालय के कुछ कर्मचारियों का निर्धारित अवधि के बाद भी स्थानांतरण नहीं किया गया और उन्हीं कर्मचारियों को मामले की जांच एवं कार्रवाई से जोड़ा गया। उन्होंने पूरे प्रकरण की विजिलेंस जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, विजिलेंस स्तर पर जांच कराने के बजाय मामला जिला स्थापना उपसमाहर्ता कार्यालय से जिला शिक्षा पदाधिकारी को यह कहते हुए भेज दिया गया कि यह शिक्षा विभाग से संबंधित विषय है। इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने पत्र लिखकर स्पष्ट किया कि शिकायत समाहरणालय के कर्मियों एवं पदाधिकारियों से संबंधित है और उनके कार्यालय के स्तर से इस पर कार्रवाई संभव नहीं है।

अमरेन्द्र कुमार ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब शिकायत का संबंध समाहरणालय के कर्मचारियों एवं प्रशासनिक भूमिका से है, तो उसे शिक्षा विभाग को क्यों भेजा गया। उनका आरोप है कि इस प्रकार फाइलों को एक विभाग से दूसरे विभाग भेजकर जांच को प्रभावित करने और समय व्यतीत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल कथित वित्तीय अनियमितता तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ा है। उनके अनुसार, यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिले में इस प्रकार की वित्तीय अनियमितताओं का दायरा और बड़ा हो सकता है।

अमरेन्द्र कुमार ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव एवं विजिलेंस विभाग से मांग की है कि पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि विजिलेंस को संबोधित शिकायत को संबंधित जांच एजेंसी के बजाय दूसरे विभाग को क्यों भेजा गया। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मामले को उच्च स्तर तक उठाएंगे और भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।