गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर शांति सेना ने दिया सद्भाव का संदेश, निबंध प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित

  • Post By Admin on Oct 01 2026
गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर शांति सेना ने दिया सद्भाव का संदेश, निबंध प्रतियोगिता के विजेता सम्मानित

मुजफ्फरपुर : राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती की पूर्व संध्या पर गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को सिकंदरपुर स्थित दूरदर्शन केंद्र परिसर के गांधी पार्क में शांति सेना मुजफ्फरपुर द्वारा सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। संस्था के संयोजक सोनू सरकार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न धर्मों के प्रार्थना गीतों के साथ बापू के सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भाव के संदेश को याद किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए संयोजक सोनू सरकार ने शांति सेना के ऐतिहासिक संदर्भ को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि शांति सेना की मूल अवधारणा स्वयं गांधी जी की देन है, जिसकी नींव उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह के दौरान अहिंसक सेना के रूप में रखी थी। बाद में 1941 में अहमदाबाद में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के दौरान उन्होंने अपने सचिव महादेव भाई देसाई के नेतृत्व में शांति दल का गठन किया, जिसे औपचारिक रूप से शांति सेना नाम दिया गया। उन्होंने कहा कि गांधी जी के जीवन के अंतिम दो वर्ष शांति सैनिक के रूप में अद्वितीय रहे। चाहे बिहार की हिंसा हो, दिल्ली, कोलकाता या नोआखली, बापू ने अकेले दम पर शांति स्थापित की। इसी अदम्य साहस को देखते हुए तत्कालीन वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन ने उन्हें 'वन मैन बाउंड्री फोर्स' की उपाधि दी थी, क्योंकि जो काम 55 हजार हथियारबंद सैनिक नहीं कर सके, वह बापू ने अकेले कर दिखाया।

कार्यक्रम में समाजसेवी शम्भू मोहन प्रसाद ने शांति की आधुनिक परिभाषा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शांति केवल युद्ध का न होना नहीं, बल्कि गरिमामय जीवन, दमन से मुक्ति, संसाधनों तक समान पहुंच और हर प्रकार की हिंसा के अभाव का नाम है। वहीं, प्रसिद्ध कठपुतली कलाकार सुनील कुमार ने अपनी लोक कला और गीतों के जरिए समां बांधा। उन्होंने ‘ए ही माटी के महात्मा गांधी राष्ट्रपिता के मिलल सेहरा’, ‘ये वक्त की आवाज है मिल के चलो’ और ‘तू जिंदा है तो जिंदगी की जीत में यकीन कर’ जैसे प्रेरक गीतों से उपस्थित युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।

गांधी जयंती के उपलक्ष्य में छात्र-छात्राओं के बीच एक निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों में तनु कुमारी को प्रथम, दीपराज को द्वितीय और दृष्टि सिंह को तृतीय पुरस्कार से नवाजा गया। इसके साथ ही रचना कुमारी, रंजीत कुमार, पीहू सिंह, गुड़िया झा, साक्षी कुमारी, सत्यम कुमार और खुशी कुमारी को स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस सर्वधर्म प्रार्थना में राजा बाबू, कुंदन पटेल, मनोज कुमार और माधुरी कुमारी सहित कई गणमान्य लोग सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में कृष्णा कुमार ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।