मुजफ्फरपुर में बीएसएनएल कर्मियों की भूख हड़ताल, वेतन पुनरीक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन

  • Post By Admin on Oct 02 2026
मुजफ्फरपुर में बीएसएनएल कर्मियों की भूख हड़ताल, वेतन पुनरीक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन

मुजफ्फरपुर : बीएसएनएल अधिकारियों और कर्मचारियों ने तीसरे वेतन पुनरीक्षण की मांग को लेकर गुरुवार को मुजफ्फरपुर में भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन किया। ऑल यूनियंस एंड एसोसिएशंस ऑफ बीएसएनएल के संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर देशभर में चल रहे चरणबद्ध आंदोलन के तहत मुजफ्फरपुर बिजनेस केंद्र में भी अधिकारियों और कर्मचारियों ने भोजनावकाश के दौरान प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने लंबित वेतन पुनरीक्षण को लागू करने और उससे जुड़ी शर्तों में राहत देने की मांग उठाई।

इस आंदोलन की सबसे बड़ी वजह बीएसएनएल कर्मचारियों के लिए तीसरे वेतन पुनरीक्षण का लंबे समय से लंबित होना है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि तीसरे वेतन पुनरीक्षण की मांग वर्ष 2017 से लंबित है। उनका कहना है कि बीएसएनएल में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को लंबे समय से वेतन संशोधन का लाभ नहीं मिल पाया है। इसी मुद्दे को लेकर कर्मचारी संगठन सरकार और प्रबंधन पर निर्णय लेने का दबाव बनाने के लिए चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं।

कर्मचारियों की प्रमुख मांग तीसरी वेतन पुनरीक्षण समिति का गठन कर वेतन संशोधन को मंजूरी देना और उसका पूर्ण क्रियान्वयन करना है। इसके साथ ही कर्मचारी संगठन वेतन पुनरीक्षण में लागू ‘सामर्थ्य’ या अफोर्डेबिलिटी की शर्त में छूट देने की मांग कर रहे हैं। संगठनों का तर्क है कि इस शर्त के कारण बीएसएनएल के कर्मचारियों को वेतन पुनरीक्षण का लाभ मिलने में बाधा बनी हुई है। इसलिए कर्मचारी संगठन इस शर्त को हटाने या इसमें आवश्यक राहत देने की मांग कर रहे हैं।

मुजफ्फरपुर में हुए कार्यक्रम में 200 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। सभी प्रमुख कर्मचारी संगठनों के जिला मंत्री और जिलाध्यक्षों ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। कर्मचारियों ने भोजनावकाश के दौरान विरोध दर्ज कराया और अपनी लंबित मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। संयुक्त मोर्चे के जिला संयोजक नंदकिशोर सिंह ने आंदोलन के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह नौ चरणों में प्रस्तावित आंदोलन का तीसरा चरण है।

कर्मचारी संगठनों के अनुसार आंदोलन की शुरुआत चरणबद्ध तरीके से की गई है। दूसरे चरण में इंटरनेट माध्यम के जरिए विरोध अभियान चलाया गया था। इसके बाद 1 अक्टूबर को केंद्रीय मुख्यालय और सर्किल स्तर पर एकदिवसीय भूख हड़ताल का कार्यक्रम रखा गया। वहीं देशभर के विभिन्न व्यापार और परिचालन केंद्रों में भोजनावकाश के दौरान प्रदर्शन किया गया। मुजफ्फरपुर भी इसी कार्यक्रम का हिस्सा रहा।

आंदोलन के कारण मुजफ्फरपुर में बीएसएनएल के स्थापना दिवस से संबंधित कार्यक्रम भी प्रबंधन की ओर से रद्द कर दिया गया। कर्मचारियों की भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन के बीच स्थापना दिवस समारोह आयोजित नहीं किया गया। प्रदर्शन में उदय कुमार साह, वीरेंद्र कुमार, विनीत रंजन, अरुण कुमार चौधरी, एनके सिंह, मनोज कुमार, दीप्ति शिखा, आलोक प्रकाश और रूपेश कुमार चौधरी समेत कई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

देश के दूसरे हिस्सों में भी बीएसएनएल कर्मचारियों ने इसी मांग को लेकर प्रदर्शन किया। जमशेदपुर में कर्मचारियों ने तीसरे वेतन पुनरीक्षण की तत्काल मंजूरी और पूर्ण क्रियान्वयन के साथ अफोर्डेबिलिटी की शर्त में छूट की मांग उठाई। वहां जारी आंदोलन कार्यक्रम के अनुसार 7 अक्टूबर से 7 नवंबर तक सांसदों, मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों को ज्ञापन देने, 14 अक्टूबर को आधिकारिक बीएसएनएल समूह छोड़ने तथा 4 से 6 नवंबर तक देशव्यापी धरना देने की योजना बताई गई है। 20 नवंबर को अखिल भारतीय हड़ताल प्रस्तावित होने की भी जानकारी दी गई है।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि तीसरे वेतन पुनरीक्षण की मांग पूरी होने तक आंदोलन को अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल 1 अक्टूबर का भूख हड़ताल और प्रदर्शन इसी व्यापक आंदोलन का हिस्सा था। बीएसएनएल कर्मचारियों की मुख्य मांग वेतन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर लंबे समय से लंबित वेतन संशोधन का लाभ उपलब्ध कराना और इससे जुड़ी सामर्थ्य की शर्त में राहत देना है।