मनिका विशनपुर चांद में प्री-स्कूल न्यूट्रिशन सेंटर का भव्य शुभारंभ, 50 बच्चों को मिला पौष्टिक आहार

  • Post By Admin on Oct 01 2026
मनिका विशनपुर चांद में प्री-स्कूल न्यूट्रिशन सेंटर का भव्य शुभारंभ, 50 बच्चों को मिला पौष्टिक आहार

मुजफ्फरपुर : ग्रामीण क्षेत्र के नौनिहालों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने और उनके समग्र विकास की मजबूत नींव रखने के उद्देश्य से मनिका विशनपुर पंचायत अंतर्गत मनिका विशनपुर चांद गांव में एक नए युग की शुरुआत हुई है। अमर त्रिशला सेवा आश्रम एवं जीव दया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार, 01 अक्टूबर 2026 को "प्री-स्कूल न्यूट्रिशन और राहत प्रोग्राम" के तहत एक समर्पित प्री-स्कूल न्यूट्रिशन सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. प्रो. अरुण कुमार सिंह ने फीता काटकर केंद्र का उद्घाटन किया और इस जनहितैषी पहल का स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने रेखांकित किया कि जीवन के प्रारंभिक वर्ष बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा कि सही उम्र में मिलने वाला संतुलित पोषण, नियमित स्वास्थ्य देखभाल और सीखने का अनुकूल परिवेश ही किसी भी बच्चे के सुरक्षित भविष्य की गारंटी तय करता है। संस्थाओं द्वारा उठाया गया यह कदम ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य और प्राथमिक शिक्षा के अंतर को पाटने में मील का पत्थर साबित होगा।

इस गरिमामयी अवसर पर समाज और स्वास्थ्य क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में असिस्टेंट ऑफिसर डॉ. पूजा गुप्ता, समाजसेवी प्रभात कुमार, सचिव रणजीत कुमार के साथ-साथ एम. जे. खान, विक्रम कुमार, नेहा कुमारी और देवकरण साहनी ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य केवल एक परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।

नवनिर्मित केंद्र के दैनिक क्रियाकलाप और प्रबंधन का जिम्मा सुश्री नेहा कुमारी संभालेंगी। यह केंद्र केवल खाद्यान्न वितरण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक व्यापक बाल-विकास केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहाँ नामांकित बच्चों को नियमित रूप से आवश्यक पोषक तत्वों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, बच्चों में व्यक्तिगत स्वच्छता की आदतें विकसित करने, बुनियादी स्वास्थ्य जांच कराने और खेल-खेल में प्रारंभिक अक्षर ज्ञान व बौद्धिक गतिविधियों से जोड़ने की योजना भी तैयार की गई है।

उद्घाटन समारोह के पहले ही दिन केंद्र पर बच्चों और उनके अभिभावकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सात माह से लेकर पांच वर्ष तक की आयु के कुल पचास बच्चों को विशेष रूप से दूध एवं पौष्टिक बिस्कुट वितरित किए गए। इस दौरान विशेषज्ञों ने उपस्थित माताओं और अभिभावकों के साथ एक संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया, जिसमें शिशुओं के स्तनपान, स्वच्छ पेयजल, हाथ धोने के नियम और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पोषण तत्वों के महत्व पर गहराई से प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित अतिथियों, पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने केंद्र के निरंतर संचालन और विस्तार में हरसंभव सहायता का संकल्प दोहराया। पूरे गांव में इस केंद्र की शुरुआत को लेकर सकारात्मक माहौल देखा गया और आयोजन हर्षोल्लास व भविष्य के प्रति नई उम्मीदों के साथ संपन्न हुआ।