लखीसराय संग्रहालय बना पर्यटन का नया केंद्र, एक साल में 63 हजार से अधिक दर्शक
- Post By Admin on Feb 04 2026
लखीसराय : लखीसराय संग्रहालय ने अपने संचालन का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। 6 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री के कर-कमलों द्वारा संग्रहालय की चारों दीर्घाओं का लोकार्पण किया गया था, जिसके बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया। बीते एक वर्ष में संग्रहालय जिले ही नहीं, बल्कि राज्य के पर्यटन मानचित्र पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाने में सफल रहा है।
संग्रहालय में भ्रमण के दौरान दर्शक विभिन्न दीर्घाओं में प्रदर्शित ऐतिहासिक पुरावशेषों और कलाकृतियों को नजदीक से देखने के साथ उनके इतिहास से भी रूबरू हो रहे हैं। संग्रहालय के तकनीकी सहायक राजेश कुमार ने बताया कि प्रतिदिन दर्शकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है और अब देश-विदेश से भी पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।
दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संग्रहालय परिसर में कई व्यवस्थाएं की गई हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए झूलों की व्यवस्था, वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा और बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। साथ ही समय-समय पर संग्रहालय के सभागार में पुरातत्व विशेषज्ञों को आमंत्रित कर संगोष्ठियों का आयोजन किया जाता है, जिसमें विद्यालय और विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को पुरातात्विक स्थलों से प्राप्त अवशेषों की जानकारी दी जाती है।
समूह में आने वाले विद्यालय एवं विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा गया है, जबकि दिव्यांग दर्शकों को भी मुफ्त सेवा दी जा रही है। कला संस्कृति विभाग, बिहार के निर्देशानुसार 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए टिकट दर 5 रुपए और 12 वर्ष से ऊपर के दर्शकों के लिए 10 रुपए निर्धारित की गई है।
आंकड़ों के अनुसार 6 फरवरी 2025 से 6 फरवरी 2026 तक कुल 63,647 दर्शकों ने लखीसराय संग्रहालय का भ्रमण किया है, जो जिले में सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जागरूकता बढ़ने का स्पष्ट संकेत है। संग्रहालय प्रशासन का मानना है कि आने वाले वर्षों में यह संख्या और भी तेजी से बढ़ेगी और लखीसराय संग्रहालय पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।