दरभंगा की अंतिम महारानी का निधन, मिथिला और देश में शोक की लहर
- Post By Admin on Jan 12 2026
दरभंगा : दरभंगा राजघराने की अंतिम महारानी, संविधान सभा की सदस्य एवं राज्यसभा की पूर्व सांसद महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह जी की धर्मपत्नी महारानी कामसुंदरी देवी का निधन सोमवार को अलसुबह तीन बजे हो गया। वे 96 वर्ष की थीं और पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। उनका निधन बाघ मोड़ स्थित कल्याणी निवास में हुआ।
महारानी कामसुंदरी देवी, महाराजा कामेश्वर सिंह की तीसरी पत्नी थीं और उनका विवाह 1940 में हुआ था। उनका मायका मधुबनी जिले के मंगरौनी में था। वे भारत की महारानी अधिरानी की उपाधि धारण करने वाली अंतिम जीवित महिला थीं। दरभंगा राज परिवार के सदस्य कुमार कपिलेश्वर सिंह ने उनके निधन की पुष्टि की। महारानी के निधन की खबर मिलते ही मिथिला क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, और उनके अंतिम दर्शन के लिए कल्याणी निवास पर लोगों का तांता लग गया।
महारानी कामसुंदरी देवी को सामाजिक और परोपकारी कार्यों के लिए जाना जाता था। उन्होंने अपने पति की स्मृति में महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन की स्थापना की, जिसके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में कई कार्य किए गए। उनके योगदान से समाज के कमजोर वर्गों को व्यापक लाभ मिला।
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय झा ने महारानी कामसुंदरी देवी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका सामाजिक योगदान, विशेषकर कल्याणी फाउंडेशन के माध्यम से, सदैव स्मरणीय रहेगा। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री राजभूषण चौधरी निषाद ने भी उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि दरभंगा राज परिवार का योगदान भुलाया नहीं जा सकता और महारानी के निधन से पूरे देश को अपूरणीय क्षति हुई है।
दरभंगा राजघराने की विरासत, खासकर शिक्षा के क्षेत्र में, आज भी पूरे देश और विश्व में सराहनीय मानी जाती है। महारानी कामसुंदरी देवी के निधन से मिथिला और देशभर में गहरा शोक व्याप्त है।