स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में डीएम सख्त, रिपोर्ट में देरी पर वेतन रोकने का आदेश
- Post By Admin on Feb 03 2026
लखीसराय : समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में मंगलवार को जिला पदाधिकारी श्री मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक सह फाइलेरिया कार्यक्रम अंतर्गत सर्वजन दवा सेवन को लेकर समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ आगामी फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की रूपरेखा तय की गई।
बैठक की शुरुआत में डीएम ने पिछली बैठक के निर्देशों की समीक्षा की। इस दौरान हेल्थ प्रोफेशनल रिपोर्ट तैयार करने में विलंब पाए जाने पर सभी प्रखंड मूल्यांकन एवं अनुश्रवण सहायकों को कड़ी फटकार लगाते हुए उनका वेतन अवरुद्ध करने का निर्देश दिया गया। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सूर्यगढ़ा में पदस्थापित चार चिकित्सा पदाधिकारियों द्वारा ड्यूटी करने के बावजूद भव्या पोर्टल पर प्रविष्टि नहीं किए जाने पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया।
बैठक में बताया गया कि 10 फरवरी 2026 से फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत सर्वजन दवा सेवन अभियान की शुरुआत की जाएगी, जो अगले 14 दिनों तक चलेगा। इस दौरान आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाएंगी। इसके बाद तीन दिनों तक सभी सरकारी विद्यालयों में भी दवा सेवन कराया जाएगा। अभियान की सफलता के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल विकास परियोजना, पंचायती राज, कल्याण, जीविका, आपूर्ति विभाग समेत सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को समन्वय और सहयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार ने जानकारी दी कि जिले में कुल 580 टीमों के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को दवा खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, खाली पेट व्यक्ति और गंभीर रोग से पीड़ित लोगों को दवा नहीं दी जाएगी, जबकि शेष सभी पात्र लोगों को दवा सेवन कराना अनिवार्य होगा।
डीएम ने निर्देश दिया कि 06 फरवरी 2026 तक फाइलेरिया कार्यक्रम को लेकर सभी प्रखंडों में बैठक तथा नगर परिषद क्षेत्रों में वार्ड सदस्यों के साथ विशेष बैठक आयोजित कर ली जाए, ताकि अभियान को लेकर जन-जागरूकता बढ़ाई जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में डीएम ने मातृ एवं शिशु मृत्यु, प्रतिरक्षण, परिवार नियोजन, सिजेरियन, एनक्यूएएस, एसएनसीयू, पोषण पुनर्वास केंद्र, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, गैर संचारी रोग, यक्ष्मा, नीति आयोग इंडिकेटर, प्रसव पूर्व जांच, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की पहचान, निःशुल्क चश्मा वितरण, एनीमिया मुक्त भारत, एंबुलेंस परिचालन, एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड सहित कई स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के उपरांत जिन इंडिकेटरों में कमियां पाई गईं, उनमें शीघ्र सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (बाल विकास परियोजना), जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार भारती, जिला पशुपालन पदाधिकारी, उपाधीक्षक सदर अस्पताल समेत सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, अस्पताल प्रबंधक, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, सामुदायिक उत्प्रेरक एवं शिक्षा, स्वास्थ्य, जीविका सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।