पॉक्सो कोर्ट का कड़ा फैसला : नाबालिग से दुष्कर्म पर कोचिंग संचालक को 10 साल की सश्रम कैद
- Post By Admin on Feb 04 2026
अररिया : अररिया की विशेष पॉक्सो अदालत ने एक अहम फैसले में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में कोचिंग संचालक अमित कुमार अमन को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर कुल 90 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है और पीड़िता को 3 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि शिक्षा से जुड़े संस्थानों में बच्चों के भरोसे के साथ किया गया अपराध समाज के लिए बेहद गंभीर है और ऐसे मामलों में कठोर सजा जरूरी है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
आधार कार्ड सुधार के नाम पर फंसाया
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 7 जुलाई 2023 को आरोपी ने छात्रा को आधार कार्ड में सुधार कराने का झांसा देकर रानीगंज बुलाया। वहां अपने मित्र के किराए के मकान में उसने छात्रा को नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता की हिम्मत बनी आधार
घटना के बाद पीड़िता ने साहस दिखाते हुए महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला दर्ज हुआ। विशेष पॉक्सो अदालत में सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया गया।
कानूनी धाराओं के तहत सजा
अदालत ने भादवि की धारा 376 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया। वहीं आईटी एक्ट की धारा 67 और 67(ए) के तहत तीन-तीन वर्ष की सजा और अलग-अलग 20-20 हजार रुपये जुर्माना सुनाया गया। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
पीड़िता के पुनर्वास पर जोर
कोर्ट ने विक्टिम कंपनसेशन स्कीम के तहत पीड़िता को 3 लाख रुपये देने का निर्देश दिया, ताकि उसके पुनर्वास और भविष्य में मदद मिल सके।
मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक श्याम लाल यादव ने की। अदालत ने फैसले के बाद आरोपी को तुरंत न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कोर्ट के इस निर्णय को बच्चों के खिलाफ अपराधों पर सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।