बिहार के केसरिया में इतिहास रचा गया: विराट रामायण मंदिर में विश्व का सबसे ऊंचा शिवलिंग हुआ स्थापित
- Post By Admin on Jan 17 2026
पूर्वी चंपारण : बिहार स्थित पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में शनिवार को ऐतिहासिक क्षण साक्षी बना, जब विश्व के सबसे ऊंचे और विशाल शिवलिंग की विधिवत स्थापना की गई। पूरे विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार, गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों के बीच हुए इस भव्य आयोजन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं उपस्थित रहे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधि, विद्वान आचार्य और समाजसेवी भी मौजूद थे।
शिवलिंग स्थापना को लेकर मंदिर परिसर में विशेष तैयारियां की गई थीं। भारी-भरकम शिवलिंग को स्थापित करने के लिए 700 टन और 500 टन क्षमता वाली दो विशाल क्रेनों का इस्तेमाल किया गया। इससे पूर्व सुरक्षा और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को मॉक ड्रिल भी कराई गई थी। सफल स्थापना के बाद मंदिर परिसर जयकारों और भक्ति-भाव से गूंज उठा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की और निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने विराट रामायण मंदिर को धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भव्य मंदिर के निर्माण से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। सीएम के आगमन को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।
विराट रामायण मंदिर को लेकर मंदिर समिति से जुड़े श्यान कुणाल ने कहा कि यह मंदिर उनके पिता का सपना था, जो अब साकार होता नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और वर्ष 2030 तक यह भव्य स्वरूप में पूरी तरह तैयार हो जाएगा। उनके अनुसार, इस परियोजना से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मोतिहारी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशेष पहचान बनाएगा।
बताया गया कि यह विशाल शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम में ब्लैक ग्रेनाइट पत्थर से तैयार किया गया है। करीब 45 दिनों की लंबी यात्रा तय कर यह शिवलिंग केसरिया पहुंचा। 33 फीट ऊंचे और 210 टन वजनी इस शिवलिंग में 1008 छोटे-छोटे शिवलिंग अंकित हैं, जिसके कारण इसे ‘सहस्त्र लिंगम’ की संज्ञा दी गई है। शिवलिंग स्थापना के अवसर पर पांच नदियों के जल से अभिषेक और हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की भी योजना बनाई गई है।
भव्य आयोजन और ऐतिहासिक शिवलिंग स्थापना के साथ ही केसरिया स्थित विराट रामायण मंदिर एक बार फिर देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचने में सफल रहा है।