बिहार में शराबबंदी पर संग्राम तेज, समीक्षा की अटकलों के बीच सरकार ने खींची लकीर

  • Post By Admin on Feb 27 2026
बिहार में शराबबंदी पर संग्राम तेज, समीक्षा की अटकलों के बीच सरकार ने खींची लकीर

पटना : बिहार में शराबबंदी कानून की समीक्षा को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले मंत्री अशोक चौधरी ने स्पष्ट किया है कि सरकार फिलहाल शराबबंदी की समीक्षा पर कोई विचार नहीं कर रही है।

विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए अशोक चौधरी ने आरजेडी के एमएलसी सुनील सिंह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। विधानसभा में शराब की डिलीवरी कराने संबंधी सुनील सिंह के बयान पर उन्होंने कहा, “हमने तो कहा था कि लाइए… अगर आप डिलीवरी करा सकते हैं तो कराइए… जेल जाइएगा। ये सब संभव नहीं है। कथनी और करनी में अंतर है।”

उन्होंने आगे कहा, “कौन सा ऐसा कानून है जिसे लोगों ने नहीं तोड़ा है? क्या आर्म्स एक्ट नहीं टूटा? क्या दहेज प्रथा कानून नहीं टूटा? कानून तोड़ने वाले हर जगह मिल जाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कानून गलत है।”

‘सरकार अभी समीक्षा के पक्ष में नहीं’

जब पत्रकारों ने गठबंधन के कुछ नेताओं द्वारा समीक्षा की मांग पर सवाल किया तो मंत्री ने कहा, “ठीक है, वे चाहते हैं कि समीक्षा हो, लेकिन सरकार अभी कोई विचार नहीं कर रही है। शराबबंदी पहले भी थी तब भी नकली शराब पकड़ी जाती थी। जो लोग जल्दी पैसा कमाना चाहते हैं, वैसे लोगों की कमी नहीं है। 100 में पांच लोग ऐसा करते हैं और वे पकड़े जाते हैं, जेल जाते हैं।”

इलेक्टोरल बॉन्ड पर भी जुबानी जंग

इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर सुनील सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी अशोक चौधरी ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, “किंग महेंद्र क्या शराब बनाते थे? वे जेडीयू के सांसद थे और बड़े उद्योगपति थे। अगर उन्होंने पार्टी को चंदा दिया तो इसमें कौन सी बड़ी बात हो गई? आप (आरजेडी) तो खुद शराब कंपनी चलाते हैं, जो लोग शराब कारोबार में हैं उनसे पैसा लेते हैं।”

गौरतलब है कि सुनील सिंह ने आरोप लगाया था कि जेडीयू ने किंग महेंद्र से पांच वर्षों तक इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से चंदा लिया। इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

शराबबंदी को लेकर चल रही इस राजनीतिक बयानबाजी ने बिहार की सियासत को एक बार फिर गर्म कर दिया है।