मुजफ्फरपुर में प्रशासनिक पुनर्गठन की आहट, 10 नए प्रखंडों के गठन की प्रक्रिया फिर तेज

  • Post By Admin on Mar 01 2026
मुजफ्फरपुर में प्रशासनिक पुनर्गठन की आहट, 10 नए प्रखंडों के गठन की प्रक्रिया फिर तेज

मुजफ्फरपुर: जिले की प्रशासनिक संरचना में बड़े बदलाव की संभावनाएं एक बार फिर प्रबल होती दिख रही हैं। ग्रामीण विकास विभाग ने 10 नए प्रखंडों के गठन के प्रस्ताव को लेकर जिला पदाधिकारी से 16 बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। विभाग ने संबंधित प्रस्तावित क्षेत्रों का नजरिया नक्शा भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, ताकि भौगोलिक एवं प्रशासनिक व्यवहार्यता का समुचित आकलन किया जा सके।

सूत्रों के अनुसार, यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत हो जाता है तो जिले में प्रखंडों की संख्या वर्तमान 16 से बढ़कर 26 हो जाएगी। साथ ही अनुमंडलों की संख्या में वृद्धि पर भी विचार संभव है। फिलहाल दो अनुमंडल जिला मुख्यालय में ही संचालित हो रहे हैं, जिससे प्रशासनिक दबाव बना रहता है और कार्यों के निष्पादन में समय अधिक लगता है।

लंबे समय से उठ रही थी मांग

जनसंख्या के अनुपात में प्रखंडों की संख्या कम होने को लेकर क्षेत्रीय स्तर पर लंबे समय से आवाज उठती रही है। ग्रामीण इलाकों के जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने समय-समय पर नए प्रखंडों के गठन की आवश्यकता बताई है। मुख्यमंत्री की पिछली यात्रा के दौरान कुढ़नी के विधायक और पूर्व मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने मनियारी को प्रखंड का दर्जा देने की मांग प्रमुखता से रखी थी। इसके बाद इस मुद्दे ने प्रशासनिक हलकों में फिर से गति पकड़ी।

प्रस्तावित नए प्रखंडों की सूची

प्रारंभिक प्रस्ताव के अनुसार भीखनपुर, देवरिया, पहसौल, बरियारपुर, मनियारी, हथौड़ी, भुसरा, पानापुर और बसौली को नए प्रखंड के रूप में विकसित करने की संभावना है। इसके अतिरिक्त कटरा प्रखंड के उत्तरी क्षेत्र की 13 पंचायतों को अलग कर एक स्वतंत्र प्रखंड बनाने का सुझाव भी शामिल है।

प्रस्तावित संरचना के तहत विभिन्न मौजूदा प्रखंडों की पंचायतों को पुनर्गठित कर नई प्रशासनिक इकाइयां बनाई जाएंगी। मनियारी प्रखंड में कुढ़नी की कई पंचायतों को जोड़े जाने की योजना है। भुसरा में गायघाट, कटरा और बोचहां की पंचायतों को समाहित करने का प्रस्ताव है। वहीं बसौली प्रखंड में बोचहां की चयनित पंचायतों को शामिल करने की तैयारी चल रही है।

स्थानीय स्तर पर प्रशासन को मिलेगा बल

विशेषज्ञों का मानना है कि नए प्रखंडों के गठन से न केवल अंचलों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि बीडीओ और सीओ की तैनाती से राजस्व एवं विकास कार्यों में गति आएगी। स्थानीय स्तर पर योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी और आम लोगों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए जिला मुख्यालय तक बार-बार नहीं आना पड़ेगा।

अब सबकी नजर विभागीय रिपोर्ट पर

ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मांगी गई 16 बिंदुओं की रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी। यदि सरकार से हरी झंडी मिलती है, तो मुजफ्फरपुर की प्रशासनिक तस्वीर में बड़ा बदलाव संभव है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति मिलती है या नहीं, लेकिन फिलहाल जिले में नए प्रखंडों के गठन को लेकर उम्मीदें फिर से जाग उठी हैं।

•खबर में दी गई तस्वीर सांकेतिक है....