पटना पुलिस की रात में कार्यवाही से सियासी हलचल, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस
- Post By Admin on Feb 06 2026
पटना: बिहार की राजनीति में उस वक्त तेज हलचल मच गई जब पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव को गिरफ्तार करने के लिए पटना पुलिस उनके आवास पर पहुंच गई। पुलिस के अचानक पहुंचने से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में समर्थक भी मौके पर जुट गए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे अदालत के आदेश के अनुपालन में सांसद को गिरफ्तार करने उनके आवास पर पहुंचे हैं। वहीं पप्पू यादव ने पुलिस से वारंट दिखाने की मांग की और पूछा कि उन्हें किस मामले में गिरफ्तार किया जा रहा है। हालांकि खबर लिखे जाने तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पुलिस किस केस में कार्रवाई करने पहुंची थी। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले अदालत द्वारा पप्पू यादव के खिलाफ कुर्की-जब्ती का आदेश जारी किया गया था, लेकिन सांसद कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। इसी क्रम में अब पुलिस गिरफ्तारी के लिए उनके आवास पर पहुंची। इस दौरान समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। आवास पर मौजूद लोगों के अनुसार पुलिस अधिकारियों और समर्थकों के बीच नोकझोंक हुई। सामने आए वीडियो में सांसद पप्पू यादव पुलिस अधिकारी से उनका नाम पूछते नजर आ रहे हैं, जिस पर अधिकारी ने खुद को इंस्पेक्टर दीपक बताया। वहीं पुलिस की ओर से यह भी कहा गया कि गिरफ्तारी में किसी तरह का विरोध न किया जाए। समर्थकों ने इस पर आपत्ति जताते हुए पुलिस के व्यवहार पर सवाल खड़े किए।
इधर, पप्पू यादव ने इस पूरी घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि रात करीब साढ़े दस बजे सिविल ड्रेस में पुलिस उनके आवास पर पहुंची, जो कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सांसद ने इसे डराने और साजिश करार देते हुए कहा कि एक निर्वाचित लोकसभा सदस्य के साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है। पप्पू यादव ने अपने पोस्ट में बिहार सरकार और शीर्ष नेताओं को टैग करते हुए सवाल उठाया कि आखिर किस कानून के तहत रात में सिविल ड्रेस में पुलिस किसी सांसद को गिरफ्तार करने पहुंचती है। उन्होंने दावा किया कि वे कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए दिल्ली से पटना लौटे हैं और इसके बावजूद उनके साथ आपराधिक व्यवहार किया गया।
घटना के बाद राजनीतिक हलकों में इस कार्यवाही को लेकर चर्चा तेज हो गई है। समर्थकों का कहना है कि यह पूरी कार्यवाही राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है, जबकि पुलिस इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रही है। फिलहाल मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है और आगे की स्थिति पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।