विविध समाचार

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चैटजीपीटी और गूगल से पहले भी था ज्ञान-स्रोत, जानिए आप्तदेश के रहस्य
  • Post by Admin on Sep 07 2025

नई दिल्ली : डिजिटल युग में जब ज्ञान के अनगिनत स्रोत इंटरनेट, गूगल और चैटजीपीटी जैसे प्लेटफॉर्म्स हैं, तब भी हजारों साल पहले वैद्यों, ऋषियों और आचार्यों द्वारा स्थापित "आप्तदेश" का महत्व उतना ही प्रासंगिक है। आप्तदेश वह पारंपरिक ज्ञान है जो अनुभव, आत्मबोध और सत्यनिष्ठा पर आधारित होता है। 'आप्त' का अर्थ है ऐसा व्यक्ति जो पूर्णतः ज्ञानी हो, सत्य बोलता हो और स्वार्थ   read more

शिक्षक दिवस : डॉ. राधाकृष्णन के आदर्शों से प्रेरित परंपरा, शिक्षा को मानती है समाज सुधार का माध्यम
  • Post by Admin on Sep 04 2025

नई दिल्ली : ज्ञान के बिना जीवन अधूरा है, लेकिन इसे वास्तविक रूप से आकार देने का काम शिक्षक करते हैं। शिक्षक नई पीढ़ी को एक मजबूत भविष्य के लिए तैयार करते हैं, जिसमें उन्नति, संस्कार और सामाजिक समृद्धि समाहित होती है। भारतीय संतों ने भी गुरु की महत्ता को उजागर किया है। प्रसिद्ध दोहे में कहा गया है, "गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय। बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो ब   read more

शिक्षक वही जो मोमबत्ती बनकर दूसरों को रोशन करें : डॉ. अरुण कुमार सिंह
  • Post by Admin on Sep 04 2025

बेंगलुरु : होमियोपैथिक चिकित्सक और क्रॉनिक डिजीज एवं किडनी स्टोन विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार सिंह ने शिक्षक दिवस के अवसर पर पूरे भारत के शिक्षकों के साथ ही आम जनता को भी शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माता होते हैं और उनके बिना कोई भी समाज सही दिशा में प्रगति नहीं कर सकता। डॉ. सिंह ने भारत के महान शिक्षक और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन क   read more

जयंती स्पेशल : भगवती चरण वर्मा – साहित्य से सिनेमा तक का अद्भुत सफर
  • Post by Admin on Aug 29 2025

नई दिल्ली : हिंदी साहित्य के दिग्गज रचनाकार भगवती चरण वर्मा को हम उपन्यासों, कहानियों और कविताओं के लिए जानते हैं, लेकिन उनका जीवन सिर्फ साहित्य तक सीमित नहीं रहा। जीवन में ऐसे कई मोड़ आए, जब वो साहित्य, समाज और सिनेमा की गलियों से गुजरते नजर आए। इन्हीं में से एक बदलाव उनके जीवन में सपनों की नगरी मुंबई लेकर आई। भगवती चरण वर्मा एक जमाने के चर्चित कवि हुआ करते थे। उसक   read more

शख्सियत बेमिसाल: अरुण जेटली – वाकपटुता से विपक्ष को किया शांत, आर्थिक सुधारों से लिखी नई इबारत
  • Post by Admin on Aug 24 2025

नई दिल्ली : भारतीय राजनीति में अरुण जेटली वह नाम हैं, जिन्हें उनकी तेज-तर्रार वकालत, प्रभावशाली वक्तृत्व और आर्थिक सुधारों के लिए सदैव याद किया जाएगा। उनकी शख्सियत ऐसी थी कि वे न केवल संसद में विपक्ष को तर्कों से परास्त कर देते थे, बल्कि अपने शायराना अंदाज़ और सौम्यता से विरोधियों का दिल भी जीत लेते थे। शैक्षणिक और कानूनी पृष्ठभूमि 28 दिसंबर 1952 को दिल्ली में जन्   read more

अद्भुत उपलब्धि : ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने लैब में तैयार की जीती-जागती इंसानी त्वचा
  • Post by Admin on Aug 21 2025

सिडनी : ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने चिकित्सा विज्ञान में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार प्रयोगशाला में खून की नलिकाओं वाली जीती-जागती इंसानी त्वचा तैयार की है। यह नई तकनीक भविष्य में जलने की गंभीर चोटों, त्वचा संबंधी बीमारियों और सर्जरी के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। यह शोध यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड (यूक्यू) के वैज्ञानिकों की टीम ने फ्रेजर   read more

पुण्यतिथि विशेष : बिहार की सियासत के करिश्माई चेहरे जगन्नाथ मिश्रा, उपलब्धियों और विवादों से भरा जीवन
  • Post by Admin on Aug 19 2025

नई दिल्ली : बिहार की राजनीति में पंडित जगन्नाथ मिश्रा का नाम एक ऐसे नेता के रूप में दर्ज है, जिन्होंने शिक्षक से लेकर मुख्यमंत्री तक का सफर तय कर राज्य की दिशा और दशा दोनों को प्रभावित किया। 24 जून 1937 को सुपौल जिले के बलुआ बाजार में जन्मे इस मिथिला के सपूत ने तीन बार बिहार की सत्ता संभाली और अपनी सादगी, जनसंपर्क और फैसलों से राजनीति में गहरी छाप छोड़ी। जगन्नाथ मिश्रा की राज   read more

जयंती विशेष: हजारी प्रसाद द्विवेदी – हिंदी साहित्य में परंपरा और आधुनिकता के सेतुकार
  • Post by Admin on Aug 18 2025

नई दिल्ली : हिंदी साहित्य और भारतीय संस्कृति के इतिहास में हजारी प्रसाद द्विवेदी का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। 19 अगस्त को जन्मे द्विवेदी केवल एक साहित्यकार नहीं थे, बल्कि वे परंपरा और आधुनिकता के बीच सेतु बनाने वाले युगदृष्टा भी थे। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने अपने ज्ञान, विचारधारा और लेखन से हिंदी जगत में अमिट छाप छोड़ी। द्विवे   read more

स्वच्छता की क्रांति के अग्रदूत बिंदेश्वर पाठक : सुलभ शौचालय ने बदली भारत की तस्वीर
  • Post by Admin on Aug 15 2025

नई दिल्ली : सामाजिक सुधार और स्वच्छता के क्षेत्र में भारतीय समाजशास्त्री व उद्यमी डॉ. बिंदेश्वर पाठक ने एक ऐसा योगदान दिया, जिसने न केवल भारत बल्कि विश्व स्तर पर लाखों लोगों की जिंदगी बदल दी। सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक के रूप में उनकी सोच आज भी ‘स्वच्छ भारत’ के सपने को प्रेरित करती है। बिंदेश्वर पाठक का जन्म 2 अप्रैल 1943 को बिहार के वैशाली जिले के रामपुर बघेल गांव में   read more

15 अगस्त 1950 : जब आज़ादी के जश्न को निगल गया असम-तिब्बत का 8.6 तीव्रता वाला भूकंप
  • Post by Admin on Aug 14 2025

नई दिल्ली : 15 अगस्त 1950—देश जब स्वतंत्रता की तीसरी वर्षगांठ मना रहा था, तब धरती ने इतिहास के सबसे भयावह झटकों में से एक महसूस किया। असम और तिब्बत की धरती पर 8.6 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने पलक झपकते हजारों जिंदगियां निगल लीं और पूरे क्षेत्र को मलबे में बदल दिया। यह न सिर्फ आज़ाद भारत का पहला बड़ा भूकंप था, बल्कि 20वीं सदी के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक के तौर पर दर्ज हु   read more