देश के शीर्ष शिक्षाविदों के साथ मंथन करेंगे प्रो. डीसी राय, नालंदा विश्वविद्यालय से मिला विशेष आमंत्रण
- Post By Admin on Jul 16 2026
मुजफ्फरपुर : बीआर अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय को नालंदा विश्वविद्यालय की ओर से नई दिल्ली में आयोजित होने वाली उच्च स्तरीय राउंडटेबल बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह महत्वपूर्ण बैठक 26 जुलाई को इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित होगी, जिसमें देश के प्रमुख शिक्षाविद, नीति-निर्माता और सामाजिक विज्ञान संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
यह रणनीतिक बैठक 26 से 28 अक्टूबर, 2026 तक राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय 'इंडियन एसोसिएशन ऑफ सोशल साइंस इंस्टीट्यूशंस (IASSI)' सम्मेलन के एजेंडे को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से बुलाई गई है। इसमें आईएएसएसआई की कार्यकारी परिषद के सदस्य और देश के चुनिंदा अकादमिक विशेषज्ञ सम्मेलन की रूपरेखा और प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।
आमंत्रण मिलने पर प्रो. दिनेश चंद्र राय ने इसे सम्मान और जिम्मेदारी दोनों बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विकास और नीति निर्माण में सामाजिक विज्ञान अनुसंधान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे प्रतिष्ठित मंच पर देश के अग्रणी विद्वानों के साथ विचार साझा करना शोध की नई दिशा तय करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान इस बात पर विशेष चर्चा होगी कि शिक्षक और प्रशासक के रूप में सामाजिक विज्ञान अनुसंधान को किस प्रकार और अधिक प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जाए, ताकि शोध समाज की समकालीन चुनौतियों का व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत कर सके।
प्रो. राय ने नालंदा विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत की ज्ञान परंपरा का सभ्यतागत केंद्र रहा है। ऐसे प्रतिष्ठित विमर्श का हिस्सा बनना गौरव की बात है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह बैठक सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में भारत के वैचारिक नेतृत्व को नई दिशा देने और 21वीं सदी की वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप अनुसंधान को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कुलपति प्रो. राय को मिले इस प्रतिष्ठित आमंत्रण पर बीआरएबीयू के शिक्षकों, अधिकारियों और पूरे अकादमिक समुदाय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।