शिक्षकों का आचरण ही छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण की सबसे बड़ी पाठशाला : डॉ. ललित किशोर

  • Post By Admin on Jul 15 2026
शिक्षकों का आचरण ही छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण की सबसे बड़ी पाठशाला : डॉ. ललित किशोर

मुजफ्फरपुर : विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान उत्तर बिहार प्रांत एवं विद्या भारती बिहार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय "आचार्य स्थायित्व प्रशिक्षण वर्ग" का समापन समारोह बुधवार को संपन्न हुआ। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान के संवाहक नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के चरित्र निर्माण के प्रमुख आधार होते हैं।

समारोह के मुख्य अतिथि विद्या भारती के संगठन मंत्री ख्यालीराम ने कहा कि शिक्षक छात्रों के ज्ञान के साथ-साथ उनके चरित्र का भी निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते, बल्कि अपने व्यक्तित्व और आचरण से विद्यार्थियों के आदर्श बनकर उन्हें सही दिशा प्रदान करते हैं। एक श्रेष्ठ शिक्षक में विषय का गहन ज्ञान, धैर्य, प्रभावी संवाद कौशल, विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशीलता और शिक्षण के प्रति समर्पण होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षक वास्तव में समाज का दर्पण होते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के सह-सचिव डॉ. ललित किशोर ने कहा कि शिक्षकों का आचरण ही छात्रों और समाज के लिए सबसे बड़ा संदेश होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने जीवन, व्यवहार और कार्यशैली से समाज एवं राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकते हैं। उन्होंने बच्चों के मनोविज्ञान को समझने, स्वयं आजीवन विद्यार्थी बने रहने, संस्कारयुक्त शिक्षा देने, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित करने तथा विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने प्रशिक्षण वर्ग में शामिल सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विद्या भारती के डॉ. सुकन पासवान 'प्रज्ञा चक्षु' ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणादायी शिक्षक बनने का संदेश दिया। कार्यक्रम में विद्या भारती उच्च शिक्षा के सदस्य एवं प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार पाल ने सात दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। वहीं, संस्थान के सचिव डॉ. अमर बहादुर शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। मंच संचालन विभाग निरीक्षक डॉ. राकेश रंजन ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन संस्थान के अध्यक्ष डॉ. रजनीश गुप्ता ने किया। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण वर्ग ने शिक्षकों को आदर्श शिक्षक बनने की प्रेरणा दी है और भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समापन समारोह में महाविद्यालय के शिक्षक, विभिन्न कॉलेजों से आए प्रतिभागी तथा कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।