शिक्षा से सामाजिक परिवर्तन का संकल्प: संघ शताब्दी वर्ष पर प्रांतीय प्रधानाचार्य सम्मेलन की घोषणा
- Post By Admin on Feb 10 2026
मुजफ्फरपुर : संघ शताब्दी वर्ष 2026 के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले प्रांतीय प्रधानाचार्य सम्मेलन को लेकर मंगलवार को भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, सदातपुर, मुजफ्फरपुर में एक भव्य प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सम्मेलन के उद्देश्य, कार्यक्रम की रूपरेखा और इसके सामाजिक महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए लोक शिक्षा समिति, बिहार के प्रदेश सचिव रामलाल सिंह ने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष का उद्देश्य केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक, स्थायी और मूल्यपरक परिवर्तन लाना है। उन्होंने विद्या भारती द्वारा प्रकाशित पुस्तक “पंच परिवर्तन” का उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें समाज के लिए पाँच प्रमुख परिवर्तन—सामाजिक समरसता, पारिवारिक प्रबोधन, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य—को जीवन में उतारने पर बल दिया गया है।
रामलाल सिंह ने कहा कि ये पाँच परिवर्तन केवल वैचारिक नहीं, बल्कि व्यवहार में लागू किए जाने वाले जीवन मूल्य हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्य और शिक्षक वर्ग इन मूल्यों को विद्यालयों के माध्यम से समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान वास्तविक अर्थों में शिक्षक निर्माण का कार्य कर रहा है, जहां भावी शिक्षकों को शैक्षणिक, वैचारिक और नैतिक रूप से तैयार किया जाता है।
उन्होंने बताया कि विद्या भारती की शिक्षा प्रणाली गुणवत्ता आधारित शिक्षा पर बल देती है और शिक्षा को संस्कारों से जोड़कर समाज को सक्षम शिक्षक प्रदान करने की दिशा में कार्य कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीक शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल रही हैं, लेकिन इसका उपयोग भारतीय मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए।
रामलाल सिंह ने मातृभाषा में शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि इससे बच्चों का बौद्धिक विकास अधिक स्वाभाविक और गहन होता है, जिससे उनकी समझ, सृजनात्मकता और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। उन्होंने शिक्षा को कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि विद्यार्थी आत्मनिर्भर बन सकें और राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें।
महाविद्यालय के सचिव डॉ. ललित किशोर ने कहा कि भारती शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के लिए यह गर्व का विषय है कि संघ शताब्दी वर्ष जैसे ऐतिहासिक अवसर पर इस प्रांतीय सम्मेलन की मेजबानी का दायित्व उसे मिला है।
इस अवसर पर मीडिया प्रमुख डॉ. सौरभ ने बताया कि यह प्रांतीय प्रधानाचार्य सम्मेलन 11 फरवरी से 14 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश भर से करीब 250 प्रधानाचार्य भाग लेंगे। सम्मेलन के दौरान उद्घाटन सत्र, वैचारिक सत्र, संवाद सत्र, कार्यशालाएं और मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रेस वार्ता में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार पाल, विभाग निरीक्षक राजेश रंजन, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, पूर्णकालिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।