BRABU की अव्यवस्था के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, कुलपति को सौंपा पांच सूत्री मांग पत्र

  • Post By Admin on Jul 23 2026
BRABU की अव्यवस्था के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन, कुलपति को सौंपा पांच सूत्री मांग पत्र

मुजफ्फरपुर: बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय (बीआरएबीयू) के परीक्षा विभाग में व्याप्त अव्यवस्था, परीक्षाओं एवं परिणामों में हो रही देरी तथा छात्रों की समस्याओं के समाधान में कथित लापरवाही के विरोध में गुरुवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने विश्वविद्यालय परिसर में एक दिवसीय प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कुलपति के नाम पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा और शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है। समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं हो रही हैं, परिणामों के प्रकाशन में लगातार विलंब हो रहा है तथा विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लंबे समय तक कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारियां भी निर्धारित समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं, जिससे हजारों विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कुलपति से मिलने के लिए कोई निर्धारित समय नहीं है, जिसके कारण विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं सीधे रखने का अवसर नहीं मिल पाता।

आंदोलन के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परीक्षा नियंत्रक डॉ. रामकुमार, छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रो. आलोक कुमार, कॉलेज विकास परिषद के समन्वयक प्रो. रजनीश गुप्ता तथा उप-पंजीयक अमर बहादुर शुक्ला आंदोलन स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्र प्रतिनिधियों से वार्ता कर उनकी मांगों को गंभीरता से सुना और परीक्षा विभाग से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि छात्र हित विश्वविद्यालय प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा मांग पत्र के सभी बिंदुओं पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा। मांग पत्र में छात्रों ने समयबद्ध परीक्षा एवं परिणाम प्रणाली लागू करने, वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने, उत्तरपुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने तथा सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई सूचनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराने की मांग की।

छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की जर्जर परीक्षा व्यवस्था के विरोध में है। उनका कहना था कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। छात्र नेता अभिनव राज ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यदि निर्धारित समय के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो छात्र हित में आंदोलन को और व्यापक तथा निर्णायक रूप दिया जाएगा। वहीं छात्र प्रतिनिधि मयंक मिश्रा ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य केवल छात्रों के हितों की रक्षा करना और विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह एवं समयबद्ध बनाना है। छात्र नेता प्रशांत गौतम ने कहा कि यदि प्रशासन अपने आश्वासन के अनुरूप शीघ्र कार्रवाई करता है तो छात्र उसका स्वागत करेंगे, अन्यथा चरणबद्ध आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।