मुजफ्फरपुर में बज्जिका साहित्य की नई कृतियों का लोकार्पण, साहित्यकार हुए सम्मानित
- Post By Admin on Sep 20 2026
मुजफ्फरपुर : बज्जिका भाषा और साहित्य को समर्पित बज्जिका विकास मंच की ओर से स्थानीय थियोसाफिकल लॉज सभागार में साहित्यिक समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मंच की पत्रिका ‘बज्जिका लोक’ तथा ज्वाला सांध्यपुष्प के बज्जिका गजलों के संग्रह ‘अइसने हिआं तिजारत हए’ का संयुक्त रूप से लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बज्जिका विकास मंच के अध्यक्ष एवं प्रधान संपादक चितरंजन सिन्हा कनक ने की। साहित्यकारों का स्वागत करते हुए डॉ. शारदाचरण ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य पर प्रकाश डाला। डॉ. विनोद कुमार सिन्हा ने ‘बज्जिका लोक’ के निरंतर प्रकाशन और उसकी साहित्यिक गुणवत्ता पर चर्चा की। उन्होंने ज्वाला सांध्यपुष्प की गजल लेखन शैली और बज्जिका साहित्य में उनके योगदान को भी रेखांकित किया।
मंच के अध्यक्ष एवं पत्रिका के संपादक ने घोषणा की कि ‘बज्जिका लोक’ का आगामी अंक समालोचना विशेषांक के रूप में प्रकाशित किया जाएगा। इस अंक की जिम्मेदारी डॉ. शारदाचरण को दी गई है। प्रबंध संपादक अमिताभ कुमार सिन्हा ने आधुनिक बज्जिका साहित्यकारों की प्रतिनिधि रचनाओं पर आधारित ‘प्रतिनिधि रचना भाग-4’ के प्रकाशन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके लिए नौ रचनाकारों ने अपनी सहमति दे दी है।
समारोह के दौरान महाकवि अवधेश्वर अरुण बज्जिका शिखर सम्मान से जुड़े सम्मान समारोह में वर्ष 2025 में अनुपस्थित रहे डॉ. शारदाचरण को सम्मानित किया गया। डॉ. अवधेश्वर अरुण के पुत्र प्रो. (डॉ.) रणवीर राजन ने अध्यक्ष के माध्यम से उन्हें सम्मान प्रदान कराया। इसी क्रम में हाजीपुर में आयोजित डॉ. उमाकांत वर्मा शताब्दी समारोह में शामिल नहीं हो सके दिवंगत साहित्यकार डॉ. योगेंद्र प्रसाद सिंह और रामानंद सिंह के वंशजों को भी अध्यक्ष के माध्यम से सम्मानित कराया गया। यह सम्मान रामनरेश शर्मा, विद्या चौधरी और अखौरी चंद्रशेखर की ओर से प्रदान कराया गया।
समारोह में दरभंगा से डॉ. सतीश चंद्र भगत और ई. राणा ब्रजेश, पटना से रामनरेश शर्मा, डॉ. विद्या चौधरी और डॉ. मायानंद, हाजीपुर से अखौरी चंद्रशेखर, सुरेंद्र मानपुरी और रविंद्र कुमार रतन तथा समस्तीपुर से ज्वाला सांध्यपुष्प ने भाग लिया। मुजफ्फरपुर से रणवीर राजन, सविता राज, डॉ. विनोद कुमार सिन्हा, प्रेम कुमार वर्मा, हरि किशोर सिंह, पुष्पा गुप्ता, उमाशंकर प्रसाद चौरसिया, डॉ. वीरेंद्र कुमार मल्लिक, सुरेश शर्मा और रितेश कुमार सहित अन्य साहित्यकार मौजूद रहे और अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन बज्जिका विकास मंच के प्रबंध संपादक अमिताभ कुमार सिन्हा ने किया। समारोह में बज्जिका भाषा और साहित्य के विकास, प्रकाशन तथा रचनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।