नाट्य अभिनेता अरुण कुमार वर्मा सम्मानित, 47 वर्षों के रंगमंचीय योगदान को मिला सम्मान

  • Post By Admin on Aug 05 2026
नाट्य अभिनेता अरुण कुमार वर्मा सम्मानित, 47 वर्षों के रंगमंचीय योगदान को मिला सम्मान

मुजफ्फरपुर: सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन की ओर से बुधवार को मालीघाट चूना भट्टी रोड स्थित परिसर में "नाट्य संवाद" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ रंगकर्मी कामेश्वर प्रसाद दिनेश ने की। इस अवसर पर बिहार राज्य जनवादी सांस्कृतिक मोर्चा "विकल्प" की मालीघाट इकाई के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नाट्य अभिनेता अरुण कुमार वर्मा को रंगमंच के क्षेत्र में लगभग 47 वर्षों के उल्लेखनीय योगदान के लिए अंगवस्त्र एवं 'लीचीया लाले लाल' पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया।

77 वर्षीय अरुण कुमार वर्मा मुजफ्फरपुर के मीठनपुरा स्थित पी एंड टी कॉलोनी के पीछे के निवासी हैं। वे मुखर्जी सेमिनरी तथा एल.एस. कॉलेज के छात्र रहे हैं और करीब 29 वर्ष की आयु से रंगमंच से जुड़े हुए हैं। अपने लंबे नाट्य जीवन में उन्होंने 500 से अधिक नाट्य प्रस्तुतियों में अभिनय कर अपनी अलग पहचान बनाई है। अरुण कुमार वर्मा ने अपने रंगमंचीय सफर की शुरुआत नाटक "मशीन" से की। इसके बाद उन्होंने "गाँव से शहर तक", "समरथ को नहीं दोष गोसाईं", "हत्यारे", "सवा शेर गेहूँ", "जंगी राम की हवेली", "सड़क पर पागल", "एक मुट्ठी भात", "इंकलाब ज़िंदाबाद", "कफन" और "छः पैसा का रुपया" जैसे चर्चित नाटकों में प्रभावशाली भूमिकाएं निभाईं। उनकी प्रस्तुतियां कोलकाता के ईडेन गार्डन स्टेडियम सहित हजारीबाग, धनबाद, रांची, दिल्ली, राजस्थान और देश के विभिन्न शहरों में सराही गई हैं। उन्होंने प्रख्यात रंग निर्देशकों सागर दास गुप्ता, स्वाधीन दास, यादव चंद्र पाण्डेय, आलोक कुमार और कामेश्वर प्रसाद दिनेश से अभिनय का प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ रंगकर्मी कामेश्वर प्रसाद दिनेश ने कहा कि नाटक केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण तथा सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि नुक्कड़ नाटक, कठपुतली और लोकनाट्य जैसी विधाएं आज भी स्वच्छता, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, बाल अधिकार, स्वास्थ्य और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर जनजागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कार्यक्रम में पूजा कुमारी, रणधीर कुमार, आनंद कुमार, धीरेन्द्र धीरु, बैजू कुमार, सुनील कुमार, अमन कुमार, रिया कुमारी, निशा कुमारी, बिंदिया कुमारी, साक्षी कुमारी, शालिनी कुमारी, राजू कुमार, कवि उमेश राज, "विकल्प" मुजफ्फरपुर के जिला सचिव विभाकर, "विकल्प" नवोदित इकाई की सचिव पूनम कुमारी सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, रंगकर्मी और सांस्कृतिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में सरला श्रीवास सोशल कल्चरल रिसर्च फाउंडेशन के सचिव एवं कठपुतली कलाकार सुनील कुमार ने वरिष्ठ नाट्य अभिनेता अरुण कुमार वर्मा के दीर्घ, समर्पित और प्रेरणादायी रंगमंचीय योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सक्रिय और दीर्घायु जीवन की कामना की।