जदयू संगठन की मजबूती को लेकर मनीष वर्मा से संतोष भास्कर की मुलाकात, रणनीति पर हुई चर्चा

  • Post By Admin on Sep 19 2026
जदयू संगठन की मजबूती को लेकर मनीष वर्मा से संतोष भास्कर की मुलाकात, रणनीति पर हुई चर्चा

मुजफ्फरपुर : जदयू के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व आईएएस अधिकारी मनीष कुमार वर्मा से जदयू राज्य परिषद सदस्य संतोष भास्कर ने शनिवार को जिला अतिथि गृह में शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान संतोष भास्कर ने उनका अभिनंदन किया। मुलाकात में जिला संगठन की वर्तमान स्थिति, संगठनात्मक गतिविधियों और पार्टी को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

बातचीत के दौरान संगठन को पंचायत, प्रखंड और बूथ स्तर तक अधिक सक्रिय बनाने तथा कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में कदम उठाने पर जोर दिया गया। स्थानीय स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने, कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ने और आम लोगों के बीच पार्टी की नीतियों एवं कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

संतोष भास्कर ने संगठन को मजबूत करने के लिए पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियों से जोड़ने, नए कार्यकर्ताओं को संगठन में स्थान देने तथा प्रखंड और पंचायत स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने की आवश्यकता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन के लिए जमीनी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका और वरिष्ठ नेताओं के साथ बेहतर तालमेल जरूरी है। मुलाकात में बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने, संगठन की गतिविधियों की नियमित समीक्षा करने और स्थानीय समस्याओं को पार्टी के मंच तक पहुंचाने पर भी विचार किया गया। संगठन के विभिन्न प्रकोष्ठों और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाकर पार्टी की गतिविधियों को गांव और पंचायत स्तर तक विस्तार देने की दिशा में भी चर्चा हुई। जदयू की हाल की संगठनात्मक बैठकों में भी बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

इस अवसर पर प्रदेश महासचिव एवं पूर्व जिलाध्यक्ष रामबाबू सिंह कुशवाहा, पिंकी शाही, प्रमोद पटेल और श्याम कल्याण पासवान मौजूद रहे। नेताओं ने संगठन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका देने पर जोर दिया।मुलाकात के दौरान इस बात पर भी सहमति बनी कि संगठन की मजबूती केवल पदाधिकारियों तक सीमित न रहकर जमीनी कार्यकर्ताओं की भागीदारी से सुनिश्चित की जानी चाहिए। पंचायत से लेकर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने से पार्टी के सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।