विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के विरोध में शिक्षकों-कर्मचारियों ने किया चरणबद्ध संघर्ष का ऐलान

  • Post By Admin on Aug 04 2026
विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के विरोध में शिक्षकों-कर्मचारियों ने किया चरणबद्ध संघर्ष का ऐलान

मुजफ्फरपुर : बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा ने बिहार सरकार के प्रस्तावित ‘विश्वविद्यालय अधिनियम-2026’ के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। मोर्चा ने आरोप लगाया है कि प्रस्तावित अधिनियम विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्वायत्तता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसी मुद्दे को लेकर राज्य स्तरीय संयुक्त संघर्ष मोर्चा के निर्देश पर बीआरए बिहार विश्वविद्यालय क्षेत्र के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक 1 अगस्त 2026 को मुजफ्फरपुर के एम.पी. सिन्हा साइंस कॉलेज में आयोजित की गई।

बैठक में बीआरए बिहार विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (बूटा), बीआरए बिहार विश्वविद्यालय सेवा शिक्षक संघ (बुस्टा), विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी संघ तथा विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ, मुजफ्फरपुर के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न महाविद्यालयों से आए शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी नेताओं ने भाग लिया। बैठक में राज्य स्तरीय संघर्ष कार्यक्रमों को सफल बनाने तथा विश्वविद्यालय क्षेत्र में आंदोलन को संगठित ढंग से संचालित करने के लिए विश्वविद्यालय प्रक्षेत्रीय संयुक्त संघर्ष मोर्चा की एक संयोजक समिति का गठन किया गया।

संयुक्त संयोजक के रूप में डॉ. सुनील कुमार सिंह, प्रो. रमेश प्रसाद गुप्ता, प्रो. ललन कुमार झा, श्री राम कुमार एवं श्री राजीव रंजन को जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही जिला इकाइयों के अध्यक्षों, सचिवों और नामित प्रतिनिधियों को भी संघर्ष मोर्चा की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। संघर्ष मोर्चा द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 5 अगस्त से 8 अगस्त 2026 तक विश्वविद्यालय, स्नातकोत्तर विभागों एवं सभी महाविद्यालयों में शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर अपने-अपने कार्यस्थलों पर विरोध दर्ज कराते हुए नियमित कार्य करेंगे।

आंदोलन के दूसरे चरण में 10 अगस्त 2026 को विश्वविद्यालय, स्नातकोत्तर विभागों एवं महाविद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर विश्वविद्यालय मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए उसी दिन सुबह 11 बजे मुजफ्फरपुर स्थित एल.एस. कॉलेज परिसर के महात्मा गांधी पार्क में सभी प्रतिभागी एकत्र होंगे। वहां से बैनर-पोस्टर के साथ जुलूस निकालते हुए विश्वविद्यालय परिसर पहुंचेंगे, जहां धरना सभा आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में राज्य स्तरीय संघ के नेताओं और अतिथियों के संबोधन का भी आयोजन होगा। प्रदर्शन का समापन अपराह्न 4:30 बजे किया जाएगा।

मोर्चा ने आंदोलन के तीसरे चरण की भी घोषणा की है। इसके तहत 11 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन अपराह्न 1:30 बजे से 2:00 बजे तक विश्वविद्यालय, स्नातकोत्तर विभागों एवं महाविद्यालयों में शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी एक स्थान पर एकत्र होकर प्रस्तावित अधिनियम के विरोध में नारेबाजी, प्रतिरोध सभा और जन-जागरण कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इस दौरान संघर्ष समिति के बैनर-पोस्टर का उपयोग किया जाएगा, जिन पर संबंधित विभाग, विश्वविद्यालय अथवा महाविद्यालय का नाम अंकित रहेगा।

आंदोलन के चौथे चरण में 5 सितंबर 2026, शिक्षक दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालयों, स्नातकोत्तर विभागों और महाविद्यालयों में छात्रों एवं अभिभावकों के साथ शिक्षक-कर्मचारी संवाद कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इस दौरान प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के संभावित प्रभावों से उन्हें अवगत कराया जाएगा तथा उच्च शिक्षा की स्वायत्तता, गुणवत्ता और गरिमा की रक्षा के लिए जनसमर्थन जुटाने का प्रयास किया जाएगा।

संयुक्त संघर्ष मोर्चा के नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, लोकतांत्रिक मूल्यों, नवोन्मेषी विचारों की स्वतंत्रता तथा उच्च शिक्षा की गरिमा की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों से आंदोलन के प्रत्येक चरण में सक्रिय, अनुशासित और एकजुट भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। मोर्चा ने सभी स्नातकोत्तर विभागाध्यक्षों, महाविद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षक संगठनों और कर्मचारी संघों से आंदोलन में सहयोग करने का अनुरोध किया है। साथ ही प्रस्तावित विश्वविद्यालय विधेयक-2026 के विरोध में आयोजित कार्यक्रमों को स्थानीय प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित करने की भी अपील की गई है, ताकि शिक्षकों और कर्मचारियों की आवाज सरकार तथा आम जनता तक पहुंच सके।