अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ ने ‘अधिकार यात्रा’ टाली, 15 दिन बाद तय होगी आगे की रणनीति

  • Post By Admin on Aug 25 2026
अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ ने ‘अधिकार यात्रा’ टाली, 15 दिन बाद तय होगी आगे की रणनीति

मुजफ्फरपुर : बिहार राज्य विश्वविद्यालय अतिथि सहायक प्राध्यापक संघ ने राज्यपाल-सह-कुलाधिपति की घोषणा का स्वागत करते हुए मंगलवार को प्रस्तावित ‘सेवा नियमितिकरण अधिकार यात्रा’ को फिलहाल स्थगित कर दिया। संघ ने कहा कि 15 दिनों के भीतर गठित होने वाली समिति के फैसले के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।संघ के अनुसार राज्यपाल की घोषणा के तहत अतिथि सहायक प्राध्यापकों से जुड़े तीन प्रमुख बिंदुओं पर समिति विचार करेगी। इनमें न्यूनतम वेतन एवं महंगाई भत्ता, सभी विश्वविद्यालयों में एक समान नवीनीकरण की प्रक्रिया तथा 65 वर्ष की आयु तक सेवा का अवसर शामिल है।

हालांकि, संघ ने समिति के प्रस्ताव में नवीनीकरण और 65 वर्ष तक सेवा से जुड़े बिंदुओं को लेकर स्पष्टता की मांग की है। संघ का कहना है कि अतिथि सहायक प्राध्यापकों की मूल मांग सेवा का नियमितीकरण या समायोजन है। यदि सेवा का केवल नवीनीकरण किया जाता है तो नियमितीकरण की मांग का औचित्य स्पष्ट नहीं होता। संघ ने कहा कि दोनों बिंदुओं के बीच स्थिति स्पष्ट किए जाने की आवश्यकता है। संघ ने यह भी कहा कि राज्यपाल के समक्ष यह तथ्य भी रखा जाना चाहिए कि विधान परिषद की शिक्षा समिति पहले ही अतिथि शिक्षकों की सेवा के नियमितीकरण या समायोजन की अनुशंसा कर चुकी है। ऐसे में समिति द्वारा इस पूर्व अनुशंसा और अतिथि सहायक प्राध्यापकों की मूल मांग को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

संघ ने बताया कि बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के सचिव के साथ उसकी सकारात्मक और सार्थक वार्ता हुई है। वार्ता के दौरान संघ ने एक सूत्री मांग के रूप में अतिथि सहायक प्राध्यापकों की सेवा के नियमितीकरण को प्रमुखता से रखा, जिस पर सकारात्मक चर्चा हुई। संघ के अनुसार 15 दिनों की अवधि पूरी होने के बाद संगठन के प्रांतीय संयोजक मंडल की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में सरकार और राजभवन की ओर से उठाए गए कदमों की समीक्षा करने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।