27वें कारगिल विजय दिवस पर भव्य समारोह, शहीदों के अदम्य साहस को किया गया याद
- Post By Admin on Jul 26 2026
मुजफ्फरपुर: 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मुजफ्फरपुर पूर्व सैनिक संघ की ओर से गोबरसही स्थित उदय प्रीमियर ग्रैंड रिसोर्ट में भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, शहीदों के परिजनों और उनके परिवारजनों ने भाग लेकर कारगिल युद्ध के अमर वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति और शहीदों के प्रति सम्मान की भावना से ओत-प्रोत रहा।
समारोह के मुख्य अतिथि मेजर जनरल ए.के. सिन्हा (सेवानिवृत्त) तथा एनसीसी बिहार एवं झारखंड के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर संजीव मल्होत्रा (एवीएसएम, यूवाईएसएम) थे। विशिष्ट अतिथियों में कारगिल युद्ध के शहीद प्रमोद कुमार की माताजी दौलती देवी, शहीद सुनील कुमार की पत्नी मीणा कुमारी, भाभा कैंसर अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर कर्नल आशुतोष झा तथा बिहार राज्य पूर्व सैनिक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष राम प्रवेश सिंह शामिल रहे। कार्यक्रम की शुरुआत संघ के महासचिव नवल किशोर तिवारी के नेतृत्व में दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद कारगिल के अमर शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई और सभी उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगान गाकर देश के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की।
इस अवसर पर मेजर जनरल ए.के. सिन्हा ने शहीद सुनील कुमार की पत्नी मीणा कुमारी को सम्मानित किया, जबकि ब्रिगेडियर संजीव मल्होत्रा ने शहीद प्रमोद कुमार की माताजी दौलती देवी को सम्मानित कर उनके पुत्र के सर्वोच्च बलिदान को राष्ट्र की ओर से नमन किया। समारोह में सभी विशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में मेजर जनरल ए.के. सिन्हा ने कारगिल युद्ध को भारतीय सैन्य इतिहास की सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण लड़ाइयों में से एक बताते हुए कहा कि इस युद्ध में 527 वीर सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया और लगभग 1300 सैनिक घायल हुए। उन्होंने बताया कि युद्ध के दौरान वे इंजीनियर रेजिमेंट के मैप सेक्शन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे थे। उन्होंने कहा कि कारगिल के शहीदों का साहस और बलिदान देश की अमूल्य धरोहर है।
ब्रिगेडियर संजीव मल्होत्रा ने कहा कि कारगिल, द्रास और बटालिक की दुर्गम पहाड़ियों पर भारतीय सैनिकों ने विपरीत परिस्थितियों में अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए विजय हासिल की। उन्होंने कहा कि एक सैनिक के लिए राष्ट्र सर्वोपरि होता है और शहीद परिवारों के सम्मान एवं सहयोग के लिए सेना सदैव प्रतिबद्ध है। कर्नल आशुतोष झा ने कारगिल युद्ध के दौरान मेडिकल ऑफिसर के रूप में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद भारतीय सैनिकों का साहस, अनुशासन और देशभक्ति कभी कम नहीं हुई। वहीं बिहार राज्य पूर्व सैनिक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष राम प्रवेश सिंह ने कहा कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूत सदैव राष्ट्र के प्रेरणास्रोत रहेंगे।
कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्र में संत सोल्जर पब्लिक स्कूल, माउंटेन व्यू पब्लिक स्कूल तथा संत जोसेफ पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों और मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। उत्कृष्ट प्रस्तुति देने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया।समापन समारोह में बिहार राज्य पूर्व सैनिक संघ, मुजफ्फरपुर के अध्यक्ष संतोष कुमार चौधरी ने कहा कि संघ हमेशा शहीदों, वीर नारियों और पूर्व सैनिकों के सम्मान एवं कल्याण के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवार राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं और उनका सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
कार्यक्रम का समापन "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" और "अमर रहे, अमर रहे, कारगिल के वीर अमर रहें" के गगनभेदी नारों के साथ हुआ। कार्यक्रम की सफलता में संघ के संरक्षक संजय कुमार ठाकुर, उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह, मृत्युंजय कुमार सिंह, अभ्युदय कुमार सिंह, जसवंत कुमार, अमरेंद्र कुमार सिंह, रजनीश कुमार सिंह, अवधेश कुमार चौधरी, प्रकाश कुमार शर्मा, मनोहर सिंह, नवीन कुमार सहित अनेक पदाधिकारियों एवं सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।