लाल सागर में भारतीय जहाज पर ड्रोन हमला, सभी 14 चालक दल सुरक्षित

  • Post By Admin on Aug 05 2026
लाल सागर में भारतीय जहाज पर ड्रोन हमला, सभी 14 चालक दल सुरक्षित

नई दिल्ली: यमन के तट के पास लाल सागर में भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक पोत एमएसवी फैज़ नूरे ओलैया पर हौथी विद्रोहियों द्वारा किए गए ड्रोन हमले ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विस्फोटकों से लदी ड्रोन नाव के जरिए किए गए इस हमले में जहाज को भारी क्षति पहुंची और कुछ ही देर बाद वह समुद्र में डूब गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि जहाज पर सवार सभी 14 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।

जानकारी के अनुसार जहाज पर कुल 14 लोग मौजूद थे, जिनमें 13 भारतीय नागरिक और एक यमनी नागरिक शामिल था। हमले के तुरंत बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। बचाव दल ने सभी नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना में किसी भी चालक दल के सदस्य के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हौथी विद्रोहियों ने जहाज को निशाना बनाने के लिए विस्फोटकों से भरी ड्रोन नाव का इस्तेमाल किया। तेज धमाके के बाद पोत को गंभीर नुकसान पहुंचा और वह लाल सागर में समा गया। हाल के महीनों में हौथी विद्रोहियों द्वारा इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले कई व्यापारिक जहाजों पर हमले किए जा चुके हैं, जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार और शिपिंग सुरक्षा पर लगातार खतरा बढ़ रहा है।

घटना के बाद केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे भारतीय नागरिक पोत पर किया गया अकारण और निंदनीय हमला बताते हुए कहा कि भारत सरकार अपने नागरिकों और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय और अन्य संबंधित एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। मंत्री ने सभी नाविकों के सुरक्षित बचाव पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने घटना के तुरंत बाद राहत और समन्वय की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। उन्होंने दोहराया कि दुनिया के किसी भी हिस्से में कार्यरत भारतीय नाविकों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

लाल सागर विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है। एशिया, यूरोप और अफ्रीका के बीच होने वाले बड़े पैमाने के व्यापार का महत्वपूर्ण हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में लगातार बढ़ते हमले न केवल समुद्री सुरक्षा, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भी गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। भारत सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ संपर्क बनाए रखा है और भारतीय जहाजों तथा समुद्री कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।

•तस्वीर सांकेतिक है