अतिथि शिक्षकों के सेवा समायोजन की पहल से खुशी, मुख्यमंत्री के आश्वासन पर जगी उम्मीद

  • Post By Admin on Aug 25 2026
अतिथि शिक्षकों के सेवा समायोजन की पहल से खुशी, मुख्यमंत्री के आश्वासन पर जगी उम्मीद

पटना: राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के सेवा समायोजन को लेकर सरकार के स्तर से सकारात्मक पहल सामने आने के बाद आंदोलनरत शिक्षकों में उम्मीद जगी है। 22 दिनों से धरना स्थल पर आमरण अनशन कर रहे अतिथि शिक्षकों के मामले में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के स्तर पर हुई पहल को शिक्षकों ने राहत देने वाला कदम बताया है।

दरभंगा ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं जदयू जिलाध्यक्ष राजेश मंडल उर्फ ईश्वर मंडल ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अतिथि शिक्षकों को 65 वर्ष तक सेवा सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सकारात्मक आश्वासन दिया है। विधायक के अनुसार, उन्होंने मुख्यमंत्री, राज्यपाल और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से लगातार मुलाकात कर अतिथि शिक्षकों की समस्याओं के समाधान की मांग रखी थी। विधायक ईश्वर मंडल ने कहा कि वर्ष 2019 में नियुक्त अतिथि शिक्षकों को उच्च शिक्षा विभाग की ओर से अध्यापन कार्य के अतिरिक्त अन्य रोजगार नहीं करने का निर्देश दिया गया था। शिक्षकों ने विभागीय निर्देश का पालन करते हुए वर्षों से विश्वविद्यालयों में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में सहायक प्राध्यापकों की नियमित नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। ऐसे में यदि इससे पहले अतिथि शिक्षकों के सेवा समायोजन को लेकर निर्णय नहीं लिया गया, तो बड़ी संख्या में शिक्षकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने बताया कि कई अतिथि शिक्षक निर्धारित आयु सीमा पार कर चुके हैं और नियमित नियुक्ति की नई प्रक्रिया में शामिल होने से वंचित हो सकते हैं।

ईश्वर मंडल ने बताया कि बिहार विधान परिषद की शिक्षा समिति की ओर से भी अतिथि शिक्षकों के सेवा समायोजन की अनुशंसा की जा चुकी है। उन्होंने सरकार और राजभवन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए समिति की अनुशंसा के आधार पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।मुख्यमंत्री की ओर से मिले आश्वासन के बाद आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों के बीच उम्मीद और खुशी का माहौल है। शिक्षकों ने इस पहल के लिए विधायक ईश्वर मंडल के प्रति आभार जताया। इस अवसर पर डॉ. बच्चा कुमार रजक, डॉ. कन्हैया शाह, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. सुमन कुमार पोद्दार, डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. संत कुमार, डॉ. कुन्दन कुमार सिंह, डॉ. हरिमोहन प्रसाद पिंटू, डॉ. नितेश कुमार, डॉ. तारीकुर रहमान सहित अन्य अतिथि शिक्षक मौजूद रहे।