युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव पर चर्चा, विशेषज्ञों ने बताए समाधान और बचाव के तरीके
- Post By Admin on May 09 2026
मुजफ्फरपुर : जिले के मिठनपुरा स्थित आशियाना गर्ल्स हॉस्टल में शनिवार को गो अप फाउंडेशन की ओर से मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, तनाव और अवसाद जैसी समस्याओं की पहचान कराना तथा उनसे बचाव के उपायों की जानकारी देना था।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता धीरज श्रीवास्तव ने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, पढ़ाई का दबाव, करियर की चिंता और सामाजिक अपेक्षाएं युवाओं में तनाव, एंजाइटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं को बढ़ा रही हैं। उन्होंने बताया कि यदि समय रहते इन समस्याओं के शुरुआती लक्षणों को पहचान लिया जाए तो मानसिक परेशानियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। उन्होंने छात्राओं को लगातार उदासी महसूस होना, आत्मविश्वास में कमी, चिड़चिड़ापन, अकेलापन पसंद करना, नींद में परेशानी, पढ़ाई में मन नहीं लगना और अत्यधिक चिंता को मानसिक तनाव के प्रमुख संकेत बताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में परिवार, मित्रों और शिक्षकों से खुलकर संवाद करना जरूरी है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को समय के सदुपयोग, सकारात्मक सोच, नियमित दिनचर्या, योग एवं ध्यान के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। धीरज श्रीवास्तव ने कहा कि सोशल मीडिया और मोबाइल का अत्यधिक उपयोग भी मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है, इसलिए विद्यार्थियों को संतुलित जीवनशैली अपनानी चाहिए। इस दौरान छात्राओं के साथ प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं ने पढ़ाई, करियर, पारिवारिक दबाव और मानसिक तनाव से जुड़ी अपनी समस्याएं साझा कीं। वक्ताओं ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए आत्मविश्वास बनाए रखने और सकारात्मक माहौल में रहने की सलाह दी।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि अभिभावकों को बच्चों पर अपनी इच्छाएं थोपने के बजाय उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार करियर चुनने में सहयोग करना चाहिए। माता-पिता का भावनात्मक सहयोग बच्चों के मानसिक विकास और आत्मबल को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मौके पर गो अप फाउंडेशन की निर्देशिका पूनम शर्मा, रूपा सिन्हा तथा हॉस्टल की संचालिका सहित कई छात्राएं उपस्थित रहीं।