Skill India प्रमाणपत्र पर BTSC के फैसले से बवाल, छात्रों और संस्थानों में आक्रोश

  • Post By Admin on Feb 06 2026
Skill India प्रमाणपत्र पर BTSC के फैसले से बवाल, छात्रों और संस्थानों में आक्रोश

मुजफ्फरपुर : बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) के हालिया फैसले से Skill India के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके लाखों छात्रों और प्रशिक्षण संस्थानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। आयोग पर आरोप है कि उसने एकतरफा और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हुए Skill India प्रमाणपत्रों को अमान्य करार देने की कोशिश की है, जिससे छात्रों के भविष्य पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

छात्र संगठनों और प्रशिक्षण संस्थानों का कहना है कि Skill India भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) के माध्यम से संचालित किया जाता है। NSDC की ओर से आधिकारिक ई-मेल के जरिए यह स्पष्ट किया जा चुका है कि Skill India के प्रमाणपत्र सभी सरकारी नौकरियों के लिए मान्य हैं। इसके बावजूद BTSC द्वारा परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद यह पत्र जारी करना कि ऑनलाइन, डिस्टेंस, Skill India और वोकेशनल प्रमाणपत्र मान्य नहीं हैं, पूरी तरह अन्यायपूर्ण और भ्रामक है।

छात्रों का आरोप है कि जिस भर्ती विज्ञापन के आधार पर परीक्षा आयोजित की गई थी, उसमें कहीं भी यह शर्त नहीं थी कि Skill India या वोकेशनल प्रमाणपत्र अमान्य होंगे। ऐसे में परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवारों को प्रमाणपत्र के आधार पर अयोग्य ठहराना संविधान और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है।

बताया गया कि आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया के दौरान NSDC/लीलाज की ओर से प्रमाणपत्रों की वैधता को लेकर BTSC को आधिकारिक ई-मेल भी भेजा गया था, लेकिन आयोग ने इस पर अब तक कोई जवाब नहीं दिया। छात्रों का कहना है कि यह आयोग की मनमानी और तानाशाही रवैये को दर्शाता है।

इस मामले में केवल 17 अभ्यर्थियों का Skill India प्रमाणपत्र के आधार पर चयन किया जाना और उसके बाद पूरी प्रक्रिया रोक देना भी कई सवाल खड़े कर रहा है। NSDC के आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 6000 करोड़ रुपए की लागत से 1.45 करोड़ से अधिक छात्रों को Skill प्रमाणपत्र दिए जा चुके हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि इन लाखों छात्रों के लिए रोजगार की नीति क्या है और अगर इन प्रमाणपत्रों की मान्यता नहीं है तो छात्र Skill प्रशिक्षण क्यों लें।

हेल्थकेयर सेक्टर से जुड़े Skill India प्रशिक्षित छात्रों ने सरकार से मांग की है कि AIIMS, IGIMS, PMCH, NMCH, SKMCH, DMCH, भागलपुर मेडिकल कॉलेज समेत आयुष्मान भारत से जुड़े अस्पतालों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कम से कम 50 प्रतिशत सीटें Skill प्रशिक्षित छात्रों के लिए आरक्षित की जाएं।

इन सभी मुद्दों पर आगे की रणनीति तय करने के लिए 6 फरवरी को सुबह 11 बजे मुजफ्फरपुर में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें छात्रों, प्रशिक्षण संस्थान संचालकों और सामाजिक संगठनों ने हिस्सा लिया। बैठक में यह फैसला लिया गया कि अगर BTSC अपने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करता है, तो पूरे मामले को माननीय उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी।

छात्र संगठनों ने इसे Skill India की साख और लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा आंदोलन बताते हुए सभी प्रभावित छात्रों और संस्थानों से एकजुट होकर इस लड़ाई में शामिल होने की अपील की है।