भारतीय वायुसेना का पावर शो : पाकिस्तान सीमा पर गरजेंगे 100 से ज्यादा फाइटर जेट
- Post By Admin on Feb 05 2026
नई दिल्ली : पाकिस्तान सीमा के पास एक बार फिर भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट आसमान में गरजते नजर आएंगे। ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर 27 फरवरी को जैसलमेर के पास भारतीय वायुसेना इस साल का पहला और सबसे बड़ा वायु सैन्य अभ्यास करने जा रही है, जिसका नाम ‘वायु शक्ति 2026’ रखा गया है।
रक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस मेगा एक्सरसाइज में वायुसेना के वेस्टर्न और साउथ वेस्टर्न कमांड के प्रमुख एयरबेस और उनके सभी आधुनिक संसाधन शामिल होंगे। अभ्यास के लिए 100 से अधिक एयरक्राफ्ट तैनात किए जाएंगे और सभी यूनिट्स को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
इस अभ्यास में ऑपरेशन सिंदूर में शामिल लगभग सभी प्रमुख लड़ाकू विमान और एयर डिफेंस सिस्टम हिस्सा लेंगे। राफेल, सुखोई-30, तेजस, मिग-29, जगुआर, मिराज-2000 और हॉक जैसे आधुनिक फाइटर जेट्स अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। मिग-21 के रिटायर हो जाने के बाद यह पहला मौका होगा, जब ये विमान इस अभ्यास में नजर नहीं आएंगे। इसके अलावा स्वदेशी अटैक हेलीकॉप्टर प्रचंड भी रॉकेट फायरिंग के साथ अपनी ताकत दिखाएगा।
रक्षा सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा अभ्यास एक काल्पनिक युद्ध के माहौल में किया जाएगा और इसे भारतीय वायुसेना के इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (आईएसीसीएस) के जरिए मॉनिटर और कंट्रोल किया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी इसी सिस्टम के जरिए पाकिस्तान के हर जेट, मिसाइल और ड्रोन पर नजर रखी गई थी।
इस अभ्यास में वायुसेना के साथ-साथ थलसेना के एयर डिफेंस सिस्टम भी पूरी तरह सक्रिय रहेंगे। आकाश मिसाइल सिस्टम, एल-70 गन, एंटी-ड्रोन सिस्टम और कई लेयर वाला एयर डिफेंस नेटवर्क तैनात किया जाएगा, ताकि किसी भी संभावित हवाई खतरे से तुरंत निपटा जा सके।
‘वायु शक्ति 2026’ में फिक्स्ड-विंग ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट जैसे सी-130जे और सी-295, हेलीकॉप्टर यूनिट के चिनूक, एमआई-17, एएलएच, ड्रोन और लॉयटरिंग म्यूनिशन का भी इस्तेमाल होगा। खास बात यह है कि पहली बार इस अभ्यास में सी-295 नाइट असॉल्ट लैंडिंग ड्रिल करेगा, जबकि सी-130जे सुपर हरक्यूलिस छोटे रनवे पर लैंड कर गरुड़ कमांडो को वॉर जोन में उतारने के बाद तेजी से दोबारा टेक-ऑफ करेगा।
भारतीय वायुसेना ने इस अभ्यास की सूचना पाकिस्तान को भी दे दी है, जिसके लिए एनओटीएएम जारी किया गया है। हालांकि सुरक्षा को लेकर कोई चूक न हो, इसके लिए एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। आईएसीसीएस के जरिए पूरे एयरस्पेस पर 24 घंटे निगरानी की जाएगी।
रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इस बड़े अभ्यास को देखने के लिए कई वीवीआईपी को आमंत्रित किया गया है, जबकि दिल्ली स्थित मित्र देशों के दूतावासों से करीब 40 अधिकारी भी ‘वायु शक्ति 2026’ का लाइव प्रदर्शन देखने पहुंच सकते हैं। यह अभ्यास भारतीय वायुसेना की बढ़ती ताकत, तकनीकी क्षमता और युद्ध-तैयारी का बड़ा संदेश माना जा रहा है।