अमिताभ बच्चन के जन्मदिन पर सजी सुरमयी शाम, जीकेसी के मंच पर कलाकारों ने बिखेरा सदाबहार नगमों का जादू

  • Post By Admin on Oct 13 2026
अमिताभ बच्चन के जन्मदिन पर सजी सुरमयी शाम, जीकेसी के मंच पर कलाकारों ने बिखेरा सदाबहार नगमों का जादू

पटना : सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के जन्मदिन के उपलक्ष्य में ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) की कला-संस्कृति इकाई द्वारा एक भव्य सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में विभिन्न शहरों से जुड़े कलाकारों ने अपनी सुरीली प्रस्तुतियों से संगीत, कला और रचनात्मकता का समां बांधा। आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ उभरती प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना रहा।

समारोह को संबोधित करते हुए जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि सदी के महानायक अमिताभ बच्चन भारतीय सिनेमा की ऐसी अमूल्य शख्सियत हैं, जिन्होंने अपनी अद्वितीय अभिनय प्रतिभा, कड़े अनुशासन और संघर्ष से विश्व भर में विशेष पहचान बनाई है। उन्होंने न केवल सिनेमा को नई ऊंचाइयां दीं, बल्कि कायस्थ समाज को भी गौरवान्वित किया है। उनका जीवन और निरंतर सक्रियता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। श्री प्रसाद ने रेखांकित किया कि कला और संस्कृति समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं और जीकेसी प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

जीकेसी की मैनेजिंग ट्रस्टी रागिनी रंजन ने महानायक को भारतीय सिनेमा की धरोहर बताते हुए कहा कि उनका सफर हर पीढ़ी के कलाकारों को राह दिखाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से देश-विदेश के कलाकारों को मंच मिलता है और सामाजिक एकजुटता मजबूत होती है। वहीं, कला-संस्कृति प्रकोष्ठ के ग्लोबल कार्यकारी अध्यक्ष प्रेम कुमार तथा ग्लोबल महासचिव पवन सक्सेना ने सभी कलाकारों और तकनीकी सहयोगियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि टीम भावना और आपसी समन्वय से ही यह आयोजन यादगार बन सका।

सांस्कृतिक संध्या में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने अमिताभ बच्चन के सदाबहार गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। मुंबई से आईं 'सा रे ग म' फेम शालिनी बैरागी ने 'कभी कभी मेरे दिल में', विख्यात गायिका मृणालिनी अखौरी ने 'तेरे मेरे मिलन की ये रैना' और जुबिन सिन्हा ने 'ये क्या हुआ' गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। नवीन श्रीवास्तव ने 'कभी एक पल भी', पटना के कुमार संभव ने 'ना बिछड़ेंगे मर के भी हम', स्तुति श्रीवास्तव ने 'एक दूसरे से करते हैं प्यार हम' तथा आशीष कुमार ने 'दुनिया का बोझ हम उठाते हैं' की प्रस्तुति दी।

इसके साथ ही भोपाल से अभिषेक माथुर ने माउथ आर्गन, जयपुर से तनिष्क श्रीवास्तव ने गिटार की धुनों से तथा यश माथुर ने 'ओ साथी रे' गाकर माहौल में ऊर्जा भर दी। चंदन श्रीवास्तव और डॉ. मुक्ति श्रीवास्तव ने भी शानदार योगदान दिया। कार्यक्रम को रोचक बनाने के लिए प्रतिभागियों के बीच दो समूहों में प्रतियोगिता भी कराई गई, जो अंततः बराबरी पर छूटी।

समारोह के सफल संयोजन में पवन सक्सेना और राष्ट्रीय महासचिव शिवानी गौड़ की मुख्य भूमिका रही, जबकि डिजिटल व्यवस्था का संचालन नवीन श्रीवास्तव और आशुतोष ब्रजेश ने संभाला। इस अवसर पर ग्लोबल उपाध्यक्ष दीपक अभिषेक, राष्ट्रीय महासचिव नवीन कुमार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निलेश रंजन, राष्ट्रीय प्रवक्ता मुकेश महान, समन्वयक अनिल कुमार दास और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संजीव श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।