श्रीराम कथा में भक्ति का उमड़ा सागर, विवाह और विदाई प्रसंग रहे आकर्षण का केंद्र
- Post By Admin on Jun 02 2026
मुजफ्फरपुर : जिले के हथौड़ी थाना क्षेत्र स्थित अम्मा गांव के जी.ए.वी. कैंपस में आयोजित श्रीराम कथा नवदिवसीय सत्संग महोत्सव के छठे दिन श्रद्धा, भक्ति और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह तथा विदाई प्रसंग का श्रवण कर भाव-विभोर हो उठे।
कथावाचक श्री दीपक जी महाराज ने भगवान श्रीराम के धनुष यज्ञ, माता सीता के स्वयंवर, सीता-राम विवाह और माता सीता की विदाई के प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम द्वारा शिव धनुष भंग किए जाने के बाद जनकपुरी में हर्ष और उत्साह का वातावरण बन गया तथा माता सीता का विवाह भगवान श्रीराम के साथ संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि सीता-राम का विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि धर्म, मर्यादा, आदर्श और संस्कारों का पवित्र संगम है। कथा के दौरान विवाह प्रसंग का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर हो गए और पूरे पंडाल में जय श्रीराम के जयघोष गूंजने लगे।
महाराज श्री ने माता सीता की विदाई के मार्मिक प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि यह घटना त्याग, संस्कार और पारिवारिक मूल्यों की महान सीख देती है। उन्होंने राजा जनक और माता सुनयना की भावनाओं का ऐसा सजीव चित्रण किया कि अनेक श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और माता सीता का जीवन मानव समाज के लिए आदर्श है। उनके चरित्र से सत्य, मर्यादा, सेवा, त्याग और समर्पण की प्रेरणा मिलती है। कथा के दौरान भजन-कीर्तन और धार्मिक जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर कथा श्रवण किया और सीता-राम विवाहोत्सव के दिव्य प्रसंग का आनंद लिया। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि आगामी दिनों में श्रीराम कथा के अन्य महत्वपूर्ण प्रसंगों का भी विस्तार से वर्णन किया जाएगा।