तिरंगा लेकर छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरे तेज प्रताप, कई जिलों में प्रदर्शन तेज

  • Post By Admin on Jul 25 2026
तिरंगा लेकर छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरे तेज प्रताप, कई जिलों में प्रदर्शन तेज

पटना : नीट पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को बिहार बंद का व्यापक असर देखने को मिला। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA) के आह्वान पर राज्यभर में छात्र संगठनों ने प्रदर्शन, सड़क जाम और प्रतिरोध मार्च निकाले। इस बीच राजधानी पटना में पूर्व मंत्री एवं जेजेडी नेता तेज प्रताप यादव तिरंगा झंडा हाथ में लेकर प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतर आए। गांधी मैदान के पास वाहन की छत पर खड़े होकर उन्होंने छात्रों का समर्थन जताया, जिसकी तस्वीरें और वीडियो पूरे दिन चर्चा का विषय बने रहे।

बिहार बंद को देखते हुए पूरे राज्य में करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। पटना के गांधी मैदान, जेपी गोलंबर, डाकबंगला चौराहा, इनकम टैक्स गोलंबर और आर ब्लॉक समेत संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान गांधी मैदान और डाकबंगला क्षेत्र में हंगामा हुआ। कई छात्रों को हिरासत में लिया गया, जबकि पत्थरबाजी की घटनाओं के बाद पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज भी किया।

हाजीपुर में जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने, एम्बुलेंस एवं आपातकालीन सेवाओं का रास्ता बाधित नहीं करने तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने की अपील की। शेखपुरा में डीएम और एसपी ने फ्लैग मार्च निकाला, जबकि जहानाबाद में पुलिस अधीक्षक स्वयं सड़कों पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। नालंदा में डीएम और एसपी आवास की सुरक्षा बढ़ाई गई और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

समस्तीपुर में छात्र संगठनों ने सड़क जाम कर आगजनी की, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। सीवान में आइसा और अन्य छात्र संगठनों ने जुलूस निकाला। प्रदर्शन के दौरान एक छात्र कॉकरोच की वेशभूषा में शामिल हुआ। बाद में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई और हालात बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया।

औरंगाबाद में प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव हुआ, जिसमें कई पुलिसकर्मी और कवरेज कर रहे पत्रकार घायल हो गए। मधेपुरा में समाहरणालय घेराव के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश कर रहे करीब डेढ़ दर्जन छात्र नेताओं को हिरासत में लिया। पूर्णिया में विभिन्न छात्र संगठनों के मार्च को प्रशासन ने इंदिरा गांधी स्टेडियम के पास रोक दिया।

लखीसराय में वामपंथी छात्र संगठनों, यूथ कांग्रेस और युवा राजद ने संयुक्त रूप से प्रतिरोध मार्च निकाला। छपरा में हजारों छात्रों ने समाहरणालय रोड और नगर पालिका चौक पर प्रदर्शन करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। गया में हजारों छात्र सड़कों पर उतरे, जबकि सहरसा में छात्र थाना चौक पर धरने पर बैठ गए।

राज्यभर में सुरक्षा एजेंसियां पूरे दिन अलर्ट रहीं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल, दंगा नियंत्रण दल और वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की।

*सांकेतिक तस्वीर*