प्रशांत किशोर ने जीडीपी, शिक्षा और राम मंदिर मामले पर सरकार को घेरा
- Post By Admin on Sep 04 2026
गयाजी: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने जीडीपी के आंकड़ों, बिहार की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की स्थिति के साथ-साथ श्री राम मंदिर से जुड़े मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जीडीपी के आंकड़ों को लेकर विशेषज्ञों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। एक ओर सरकार देश की आर्थिक स्थिति को बेहतर बता रही है, वहीं दूसरी ओर लोगों को इसका लाभ अपने जीवन में दिखाई नहीं दे रहा है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि देश की आर्थिक स्थिति वास्तव में बेहतर हो रही है तो लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि मजदूर, किसान और छात्र अपनी वर्तमान स्थिति को बेहतर नहीं मान रहे हैं। उनके अनुसार, केवल जीडीपी के आंकड़ों के आधार पर आर्थिक विकास का आकलन नहीं किया जा सकता, बल्कि आम लोगों के जीवन में होने वाले बदलाव को भी देखा जाना चाहिए।
बिहार की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की स्थिति पर भी प्रशांत किशोर ने सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षकों की स्थिति तब सुधरेगी, जब बिहार में शिक्षा की स्थिति सुधरेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के समाज और सरकार की प्राथमिकताओं में शिक्षा को वह स्थान नहीं मिला है, जो मिलना चाहिए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को राज्य के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए इस पर प्राथमिकता के साथ काम करने की जरूरत बताई।
श्री राम मंदिर से जुड़े मामले पर प्रशांत किशोर ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केवल नए व्यक्ति की नियुक्ति कर देने से मामला समाप्त नहीं होने वाला है। उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि देश के हिंदुओं की इतनी बड़ी आस्था के केंद्र पर इतनी बड़ी चोरी और गबन के आरोप लगे हैं तो इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए और सरकार को इसकी स्पष्ट जानकारी जनता के सामने रखनी चाहिए। प्रशांत किशोर ने कहा कि आर्थिक विकास, शिक्षा व्यवस्था और धार्मिक आस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों में सरकार को केवल दावे करने के बजाय जनता के सवालों का जवाब देना चाहिए और ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।