जन्माष्टमी पर पर्यावरण भारती ने लगाए सुपारी के पौधे, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

  • Post By Admin on Sep 04 2026
जन्माष्टमी पर पर्यावरण भारती ने लगाए सुपारी के पौधे, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

लखीसराय : भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के अवसर पर पर्यावरण भारती की ओर से कुंदर, चानन में सुपारी के दो पौधे लगाए गए। पौधारोपण कार्यक्रम का नेतृत्व संजीत कुमार यादव ने किया, जबकि हिमालय ने सहयोग किया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने और पौधारोपण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।

पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक एवं अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली के सदस्य राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण जलवायु परिवर्तन का असर पूरी दुनिया में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में सावन के दौरान अपेक्षित बारिश नहीं हुई, जबकि भादो में वर्षा होने से किसानों को धान की फसल अच्छी होने की उम्मीद जगी है। उन्होंने हिमालय क्षेत्र पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की करीब 1600 किलोमीटर सीमा हिमालय से जुड़ी है और यह क्षेत्र जम्मू-कश्मीर से मेघालय तक फैला है। उनके अनुसार हिमालय-हिंदूकुश क्षेत्र में करीब 25 हजार ग्लेशियर झीलें हैं, जिनमें 47 को अत्यधिक संवेदनशील माना गया है। उन्होंने तिब्बत की एक ग्लेशियर झील के फटने के बाद नेपाल में आई त्रासदी का उल्लेख करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन और ग्लेशियरों के पिघलने से मानव जीवन के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो रही हैं।

राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि धरती पर प्रति व्यक्ति 422 पेड़ होना जरूरी माना जाता है, जबकि भारत में बढ़ती आबादी के कारण प्रति व्यक्ति पेड़ों की संख्या काफी कम है। उन्होंने लोगों से अपने घर और आसपास कम से कम 10 पौधे लगाने की अपील की। उनका कहना था कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देना जरूरी है और इसके लिए पौधारोपण का कोई विकल्प नहीं है।

पर्यावरण प्रहरी पुरुषोत्तम राघो ने जन्माष्टमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा के कारागार में हुआ था और कंस से उनकी रक्षा के लिए उन्हें वृंदावन पहुंचाया गया, जहां उन्होंने बाल लीलाएं कीं। उन्होंने श्रीकृष्ण के कंस वध और महाभारत के दौरान अर्जुन को दिए गए गीता के उपदेश का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गीता का संदेश कर्म पर केंद्रित है और राष्ट्रहित में अपने कर्तव्य का निरंतर पालन करना ही कर्मयोग की भावना है। उन्होंने जन्माष्टमी के अवसर पर पौधारोपण को प्रकृति संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक और पुनीत कार्य बताया।

कार्यक्रम में संजीत कुमार यादव, कौशलजीत यादव, अरुण कुमार, शंकर साह, हिमालय, जोयेश कुमार, ऋचा यादव, राम बिलास शाण्डिल्य, पुरुषोत्तम राघो, अमित कुमार, जीतेश, अभिनंदन सहित अन्य लोगों ने भाग लिया।