बांकीपुर उपचुनाव पर सियासी संग्राम तेज, भाजपा और जन सुराज ने झोंकी ताकत

  • Post By Admin on Jul 04 2026
बांकीपुर उपचुनाव पर सियासी संग्राम तेज, भाजपा और जन सुराज ने झोंकी ताकत

पटना : बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद विधायक नितिन नवीन के इस्तीफे से रिक्त हुई इस सीट पर अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार को लेकर चर्चाएं तेज हैं। वहीं, जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर भी इस सीट पर पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प होता दिख रहा है।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, बांकीपुर उपचुनाव भाजपा के लिए सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि उसकी राजनीतिक साख और संगठनात्मक क्षमता की परीक्षा भी माना जा रहा है। दूसरी ओर, जन सुराज इस चुनाव के जरिए राजधानी पटना में अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में सभी दलों की नजरें उम्मीदवारों के चयन और आगामी चुनावी रणनीति पर टिकी हैं।

चार दशक से भाजपा का मजबूत गढ़

बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र पिछले करीब चार दशकों से भाजपा का मजबूत गढ़ रहा है। इस सीट का प्रतिनिधित्व लंबे समय तक नितिन नवीन और उनके पिता ने किया है, जिससे यहां पार्टी का मजबूत जनाधार माना जाता है। ऐसे में भाजपा इस सीट को हर हाल में बरकरार रखने की कोशिश में जुटी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि भाजपा इस सीट को बनाए रखने में सफल रहती है तो यह उसके लिए राजनीतिक मजबूती का संदेश होगा। वहीं, यदि परिणाम उसके पक्ष में नहीं जाता है तो विपक्ष इसे बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में पेश करने का प्रयास करेगा। इसी कारण इस उपचुनाव को राज्य की सबसे प्रतिष्ठित चुनावी लड़ाइयों में से एक माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के केंद्रीय नेताओं और मंत्रियों के भी बांकीपुर में चुनावी अभियान में शामिल होने की संभावना है। वहीं, जन सुराज भी इस सीट पर अपनी पूरी ताकत लगाने की तैयारी कर रही है, जिससे आने वाले दिनों में चुनावी मुकाबला और अधिक रोचक होने की उम्मीद है।