लंगट सिंह कॉलेज के 127वें स्थापना दिवस पर शिक्षा, नवाचार और भारतीय ज्ञान परंपरा पर विमर्श

  • Post By Admin on Jul 03 2026
लंगट सिंह कॉलेज के 127वें स्थापना दिवस पर शिक्षा, नवाचार और भारतीय ज्ञान परंपरा पर विमर्श

मुजफ्फरपुर : उत्तर बिहार के ऐतिहासिक एवं प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान लंगट सिंह महाविद्यालय का 127वां स्थापना दिवस शुक्रवार को उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के आचार्य जे.बी. कृपलानी सभागार में भव्य समारोह एवं **'बिहार में शैक्षणिक एवं सामाजिक विकास को गति प्रदान करने में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भूमिका'** विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षा के बदलते स्वरूप, भारतीय ज्ञान परंपरा और नवाचार आधारित शिक्षण व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा हुई।

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं महाविद्यालय परिसर में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण के साथ हुआ। प्राचार्या प्रो. कनुप्रिया ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि लंगट सिंह महाविद्यालय की 127 वर्षों की गौरवशाली यात्रा शिक्षा के प्रति समर्पण और उत्कृष्टता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस केवल अतीत की उपलब्धियों का स्मरण नहीं, बल्कि भविष्य के लक्ष्यों और चुनौतियों के प्रति नए संकल्प का अवसर भी है। प्रो. कनुप्रिया ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान महाविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के सहयोग एवं कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र राय के मार्गदर्शन में महाविद्यालय ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है।

मुख्य अतिथि एवं बिहार सरकार के उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एन. के. अग्रवाल ने संगोष्ठी के मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 केवल एक नीतिगत दस्तावेज नहीं, बल्कि युवाओं की प्रतिभा, रचनात्मकता और कौशल विकास का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह नीति बिहार के शैक्षणिक और सामाजिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। समारोह की अध्यक्षता करते हुए बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र राय ने महाविद्यालय के संस्थापक बाबू लंगट सिंह को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि उनकी दूरदर्शिता के कारण आज लंगट सिंह कॉलेज उत्तर बिहार में शिक्षा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान का भविष्य भी उसके गौरवशाली इतिहास की तरह स्वर्णिम रहेगा।

कुलपति ने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकता केवल डिग्रीधारी युवाओं का निर्माण नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर के नवोन्मेषी, शोधकर्ता और विचारक तैयार करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय ज्ञान परंपरा के पुनर्जागरण और औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों को समाज की समस्याओं के समाधान का केंद्र बनना होगा तथा लंगट सिंह कॉलेज को उच्च स्तरीय शोध, पेटेंट और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए, जिससे स्थानीय कृषि, उद्योग और समाज को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। उन्होंने छात्र-छात्राओं से बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, अनुसंधान की भावना विकसित करने तथा समाज, संस्थान और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य आधुनिक तकनीक और नवीनतम ज्ञान के साथ विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों एवं मानवीय संवेदनाओं का भी विकास करना है।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. शशिकांत पाण्डेय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राधा कुमारी ने प्रस्तुत किया। समारोह में प्रो. टी.के. डे, प्रो. एस.आर. चतुर्वेदी, प्रो. पुष्पा कुमारी, प्रो. शैलेंद्र सिन्हा, डॉ. संजय सिन्हा, डॉ. शर्तेंदु शेखर, डॉ. ऋतुराज कुमार, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. रीमा कुमारी, डॉ. राजेश अनुपम, डॉ. संध्या कुमारी, डॉ. इम्तियाज, संजीव चौधरी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।