नवल किशोर यादव को चुनौती देने की तैयारी, पटना शिक्षक सीट पर जन सुराज का बड़ा दांव

  • Post By Admin on Sep 09 2026
नवल किशोर यादव को चुनौती देने की तैयारी, पटना शिक्षक सीट पर जन सुराज का बड़ा दांव

पटना : बिहार में विधान परिषद चुनाव की आहट के साथ सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने बिहार की आठ एमएलसी सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान पहले ही कर दिया है। इसी कड़ी में अब पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पर पार्टी की रणनीति को लेकर चर्चा तेज है। जन सुराज में दिव्या ज्योति के शामिल होने के बाद माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें पटना शिक्षक सीट से उम्मीदवार बना सकती है। अगर ऐसा होता है तो मुकाबला भाजपा के लिए अहम हो जाएगा। पटना शिक्षक सीट पर 1996 से नवल किशोर यादव का दबदबा रहा है। वह लगातार भाजपा के समर्थन से इस सीट पर चुनाव जीतते आए हैं। ऐसे में जन सुराज के मैदान में उतरने से भाजपा के इस मजबूत गढ़ में सीधी राजनीतिक चुनौती खड़ी हो सकती है।

दिव्या ज्योति ने मंगलवार को पटना में जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि वह महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों से प्रेरित होकर सामाजिक न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में काम करती रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर की विचारधारा से प्रभावित होकर उन्होंने जन सुराज के साथ जुड़ने का फैसला किया है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी चुनाव लड़ने के सवाल पर दिव्या ज्योति ने कहा कि पार्टी नेतृत्व की ओर से जो जिम्मेदारी दी जाएगी, वह उसे पूरी करेंगी। उन्होंने अपनी उम्मीदवारी को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है। हालांकि, उनके जन सुराज में शामिल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि पार्टी उन्हें पटना शिक्षक सीट से अपना उम्मीदवार बना सकती है।

दिव्या ज्योति पटना की रहने वाली हैं और मूल रूप से बाढ़ की निवासी हैं। वह चाणक्य कॉलेज ऑफ हायर स्टडीज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। इसके अलावा वह चाणक्य फाउंडेशन की सीईओ भी हैं। वह आर्थिक रूप से पिछड़े विद्यार्थियों के उत्थान, बालिका शिक्षा और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर काम करने का दावा करती हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र होने के कारण इन मुद्दों को उनके संभावित चुनावी अभियान में अहम माना जा सकता है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र दिव्या ज्योति के लिए नया चुनावी मैदान नहीं है। वह इससे पहले भी इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ चुकी हैं। हालांकि, उस चुनाव में उन्हें जीत नहीं मिली थी। अब जन सुराज में शामिल होने के बाद उन्हें पार्टी संगठन और चुनाव चिह्न का समर्थन मिल सकता है। ऐसे में उनकी पिछली चुनावी तैयारी को देखते हुए पार्टी उन्हें इस सीट पर एक विकल्प के तौर पर देख सकती है।

पटना शिक्षक सीट पर नवल किशोर यादव का लंबे समय से प्रभाव रहा है। वह 1996 से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। ऐसे में जन सुराज अगर दिव्या ज्योति को उम्मीदवार बनाती है तो उसका सीधा मुकाबला भाजपा के स्थापित राजनीतिक आधार से होगा। वहीं, महागठबंधन की संभावित दावेदारी मुकाबले को और रोचक बना सकती है। तीन प्रमुख राजनीतिक खेमों के मैदान में आने की स्थिति में पटना शिक्षक सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बन सकते हैं।

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। इनमें पटना शिक्षक, पटना स्नातक, सारण शिक्षक, तिरहुत शिक्षक, तिरहुत स्नातक, कोसी स्नातक और दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। जन सुराज ने इन सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है। ऐसे में आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के नाम को लेकर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पटना, नवादा और नालंदा जिले आते हैं। इस सीट पर सामान्य लोकसभा या विधानसभा चुनावों की तरह सभी मतदाता मतदान नहीं करते, बल्कि निर्धारित शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करते हैं। फिलहाल जन सुराज ने दिव्या ज्योति को पटना शिक्षक सीट से आधिकारिक उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। लेकिन पार्टी में उनकी एंट्री ने इस सीट के चुनावी समीकरणों को लेकर अटकलों को जरूर तेज कर दिया है।