सर्वजन दवा सेवन अभियान का शुभारंभ : 17 दिनों तक घर-घर खिलाई जाएगी फाइलेरिया रोधी दवा
- Post By Admin on Feb 10 2026
लखीसराय : जिले में फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव और उन्मूलन के उद्देश्य से सर्वजन दवा सेवन अभियान का मंगलवार को विधिवत शुभारंभ किया गया। जिला अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार भारती एवं सदर अस्पताल उपाधीक्षक सह जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. राकेश कुमार ने सदर अस्पताल परिसर में स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर अभियान का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर डॉ. अशोक कुमार भारती ने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जो यदि हाथीपांव जैसी स्थिति में बदल जाए तो व्यक्ति को जीवन भर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि जब स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दवा खिलाने आएं तो अवश्य दवा का सेवन करें। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया से पूर्ण बचाव के लिए लगातार पांच वर्षों तक फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन जरूरी है।
डॉ. भारती ने कहा कि फाइलेरिया मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है, इसलिए दवा के साथ-साथ मच्छरों की रोकथाम और साफ-सफाई पर भी ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने विभागीय टीमों को दवा वितरण की निगरानी और नियमित रिपोर्टिंग के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा किया जा सके।
वहीं जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि 10 फरवरी से शुरू हुए इस सामूहिक दवा सेवन अभियान के तहत सभी लक्षित लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि अधिक से अधिक लोगों को दवा सेवन से जोड़ने के लिए 11 फरवरी को जिले के सभी 580 आंगनबाड़ी केंद्रों पर मेगा एमडीए कैंप लगाया जाएगा, जहां स्वास्थ्यकर्मी बूथ लगाकर लोगों को अपने सामने दवा का सेवन कराएंगे।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण सलाहकार नरेंद्र कुमार ने बताया कि इस अभियान के लिए कुल 580 डीए टीम गठित की गई हैं, जो जिले के सभी प्रखंडों के गांवों में घर-घर जाकर करीब 10,74,713 लोगों को दवा खिलाएंगी और उन्हें फाइलेरिया से बचाव के प्रति जागरूक करेंगी। उन्होंने बताया कि यह अभियान कुल 17 दिनों तक चलेगा, जिसमें मेगा कैंप के बाद शुरुआती 14 दिन आशा कार्यकर्ता गृह भ्रमण कर दवा खिलाएंगी, जबकि अंतिम तीन दिनों में बूथ लगाकर दवा सेवन कराया जाएगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फाइलेरिया रोधी दवा से कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं होता है। यदि किसी को दवा खाने के बाद हल्का चक्कर, मितली या उलटी महसूस हो तो घबराने की जरूरत नहीं है, यह इस बात का संकेत है कि शरीर में मौजूद परजीवी नष्ट हो रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक रैपिड रिस्पॉन्स टीम का गठन किया गया है।
उद्घाटन अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक शुधंशु नारायण लाल, वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी शालिनी कुमारी, स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।