गृह आधारित बाल देखभाल प्रशिक्षण का शुभारंभ, 15 माह तक बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान

  • Post By Admin on Dec 26 2025
गृह आधारित बाल देखभाल प्रशिक्षण का शुभारंभ, 15 माह तक बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान

लखीसराय : जिले में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। दिनांक 26 दिसंबर 2025 को सिविल सर्जन सह सचिव, जिला स्वास्थ्य समिति लखीसराय की अध्यक्षता में गृह आधारित युवा शिशु देखभाल (HBYC – Home Based Care for Young Child) प्रशिक्षण कार्यक्रम के तीन बैचों का उद्घाटन शांति होटल में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार भारती, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुधान्णु नारायण लाल, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक आशुतोष सिंह, प्रशिक्षण दाता, आशा कार्यकर्ता एवं आशा फैसिलिटेटर उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं को HBYC योजना के तहत 5 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बाल मृत्यु दर और बीमारियों को कम करना तथा बच्चों के स्वास्थ्य में निरंतर सुधार सुनिश्चित करना है। उल्लेखनीय है कि पहले HBNC कार्यक्रम के तहत बच्चों की देखभाल केवल 42 दिनों तक सीमित थी, जबकि HBYC के माध्यम से अब 15 माह तक के बच्चों की नियमित निगरानी की जाएगी।

प्रशिक्षण के तहत आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका को और मजबूत किया गया है। प्रशिक्षित आशा कार्यकर्ता बच्चे के तीसरे, छठे, नौवें, बारहवें एवं पंद्रहवें महीने में कुल पांच अतिरिक्त गृह भ्रमण करेंगी। इन दौरों के दौरान बच्चे के पोषण स्तर, शारीरिक वृद्धि और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास की निगरानी की जाएगी। साथ ही माताओं को स्तनपान, पूरक आहार, स्वच्छता (WASH) एवं डायरिया, निमोनिया जैसी बीमारियों से बचाव के संबंध में परामर्श दिया जाएगा।

प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदुओं में कुपोषण एवं एनीमिया की पहचान, समय पर रेफरल, एमसीपी कार्ड के माध्यम से विकास में देरी की पहचान, बच्चों का पूर्ण टीकाकरण एवं समय पर कृमि मुक्ति सुनिश्चित करना शामिल है।

“सही पोषण, देश रोशन” के संकल्प के साथ यह कार्यक्रम बच्चों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव रख रहा है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने समुदाय के परिवारों से अपील की है कि वे आशा कार्यकर्ताओं के गृह भ्रमण के दौरान सहयोग करें और दी गई स्वास्थ्य सलाहों का पालन कर बच्चों को स्वस्थ जीवन प्रदान करने में भागीदार बनें।