बजरंग दल ने मनाई संत रविदास जयंती, इतिहास और सामाजिक एकता पर हुआ मंथन
- Post By Admin on Feb 08 2026
लखीसराय : विश्व हिंदू परिषद के बंजरग दल द्वारा रविवार को लखीसराय प्रखंड के दुगाय गांव में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता बजरंग दल के बलोपासना प्रमुख नवीन सोनी ने की, जबकि संचालन विहिप के जिला मंत्री बंटी ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला मंत्री बंटी ने संत रविदास जी के जीवन, उनके सामाजिक योगदान और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संत रविदास दलित समाज के प्रमुख समाज सुधारकों में से एक थे, जिनका व्यक्तित्व समाज को जागरूक करने वाला था। उन्होंने इतिहास के विभिन्न संदर्भों का उल्लेख करते हुए बताया कि संत रविदास जी चंवर वंश से जुड़े माने जाते हैं और चर्ममारी राजवंश का उल्लेख महाभारत जैसे प्राचीन ग्रंथों में भी मिलता है।
उन्होंने प्रसिद्ध इतिहासकारों और विद्वानों के शोध का हवाला देते हुए कहा कि चंवर वंश के क्षत्रियों का शासन पश्चिमी भारत में रहा है और उनकी शाखाएं मेवाड़ के महाराज बाप्पा रावल के वंश से जुड़ी मानी जाती हैं। बताया गया कि संत रविदास जी लंबे समय तक चित्तौड़ दुर्ग में महाराणा सांगा के गुरु भी रहे और उनके प्रभाव से बड़ी संख्या में लोग उनके अनुयायी बने।
अपने संबोधन में बंटी ने उस काल के मुस्लिम शासक सिकंदर लोदी के समय की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि संत रविदास जी ने अपने विचारों और वेदों के प्रति अडिग आस्था के कारण किसी भी प्रकार के दबाव को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने संत रविदास जी की रचनाओं के माध्यम से सामाजिक चेतना और आत्मसम्मान का संदेश समाज को देने की बात कही।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर भी विचार रखते हुए कहा कि समाज को विभाजित करने वाली प्रवृत्तियों से सावधान रहने की जरूरत है और संत रविदास जी के विचार आज भी समाज को एकजुट करने की प्रेरणा देते हैं।
इस अवसर पर संजय पासवान, अखिलेश्वर महतो, शिबू दास, महेश दास, राधेश्याम दास, ज्ञानदारी महतो, शंभू महतो, ऋतुराज कुमार, अंकुश कुमार, प्रिंस कुमार, लव कुमार, रवि किशन, विशाल कुमार, मोहित कुमार सहित बड़ी संख्या में बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।