विनोबा भावे की जयंती पर त्याग, करुणा और सर्वोदय के विचारों को किया गया याद
- Post By Admin on Sep 12 2026
मुजफ्फरपुर: मुरौल प्रखंड के रैनी गांव में आचार्य विनोबा भावे की 131वीं जयंती श्रद्धा, स्मृति और विचारों के आलोक में मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित सभा में आचार्यकुलम के जिला अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. विजय कुमार पाठक ‘प्रसून’ ने आचार्य विनोबा भावे के जीवन, विचारों और समाज के प्रति उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. विजय कुमार पाठक ‘प्रसून’ ने कहा कि आचार्य विनोबा भावे करुणा, त्याग और मानवता की साक्षात प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन सर्वोदय के सिद्धांतों के लिए समर्पित कर समाज को सेवा, समता और सद्भाव का मार्ग दिखाया। उनके विचारों में मानव कल्याण, सामाजिक समानता और शोषणमुक्त समाज की स्थापना का संदेश निहित था।उन्होंने कहा कि भूदान आंदोलन के माध्यम से विनोबा भावे ने समाज में त्याग, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया। उनका मानना था कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने लोगों को स्वेच्छा, सेवा और परस्पर सहयोग के माध्यम से सामाजिक विषमता दूर करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. विजय कुमार पाठक ने कहा कि विनोबा भावे का जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणा-पुंज है। उनके विचारों और आदर्शों को आत्मसात कर ही हम एक संवेदनशील, समतामूलक और मानवीय समाज का निर्माण कर सकते हैं। वर्तमान समय में जब समाज विभिन्न चुनौतियों से गुजर रहा है, तब विनोबा भावे के त्याग, करुणा और सर्वोदय के विचार और भी प्रासंगिक हो जाते हैं।उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को आचार्य विनोबा भावे के जीवन और उनके सामाजिक कार्यों से परिचित कराना आवश्यक है, ताकि युवाओं में सेवा, सहयोग, सद्भाव और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके। विनोबा भावे के विचार समाज को मानवता और नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम में समाजसेवी विनोद कुमार पाठक, किशोर कुमार पाठक, कुणाल कुमार, कुमकुम देवी, उदय ठाकुर, विशाल कुमार पाठक एवं हर्षित राज सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने आचार्य विनोबा भावे के विचारों को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
✍️ कुमार संदीप