शिक्षक दिवस पर रामेश्वर महाविद्यालय में भारतीय ज्ञान परंपरा पर व्याख्यान
- Post By Admin on Sep 05 2026
मुजफ्फरपुर: शिक्षक दिवस के अवसर पर रामेश्वर महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर के किशोरी सिन्हा सभागार में हिंदी एवं दर्शनशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारतीय ज्ञान परंपरा : प्राचीन से आधुनिक तक’ विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारतीय ज्ञान-विरासत की निरंतरता, आधुनिक समय में उसकी प्रासंगिकता और नई पीढ़ी को इससे जोड़ने में शिक्षकों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आईआईटी पटना के डॉ. आर.के. चतुर्वेदी ने भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल प्राचीन ग्रंथों और ऐतिहासिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है। यह जीवन, प्रकृति, समाज, नैतिकता, विज्ञान, दर्शन और आध्यात्मिक चिंतन को समग्र रूप से देखने की दृष्टि प्रदान करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से भारतीय ज्ञान-विरासत का अध्ययन आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ करने का आह्वान किया।डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा में प्राचीन काल से ही तर्क, संवाद, प्रश्न और अनुभव को विशेष महत्व दिया गया है। वेद, उपनिषद, बौद्ध एवं जैन दर्शन, आयुर्वेद, गणित, खगोलशास्त्र और विभिन्न दार्शनिक परंपराएं भारतीय बौद्धिक चेतना की व्यापकता को प्रदर्शित करती हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण के लिए परंपरा और आधुनिकता के बीच रचनात्मक संवाद आवश्यक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. श्यामल किशोर ने की। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान-विरासत, उसकी निरंतरता और समकालीन समाज में उसकी प्रासंगिकता को लेकर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के बीच सार्थक विमर्श को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस व्याख्यान का आयोजन किया गया है। शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रो. श्यामल किशोर ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान देने तक सीमित नहीं होती। शिक्षक विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण के साथ उनके भीतर विवेक, संवेदना और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने वाला मार्गदर्शक भी होता है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका बताई। कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. उपेंद्र प्रसाद ने किया। दर्शनशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. रजनी रंजन ने विषय प्रवेश एवं स्वागत संबोधन करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा की पृष्ठभूमि और वर्तमान समय में उसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
शिक्षक दिवस के अवसर पर प्राचार्य प्रो. श्यामल किशोर ने महाविद्यालय के सभी शिक्षकों को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम को डॉ. प्रवीण कुमार एवं अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. शारदा नंद सहनी ने भी संबोधित किया और शिक्षा तथा भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. संदीप कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए मुख्य वक्ता, अध्यक्ष, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं अन्य कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।