मासिक कवि गोष्ठी संपन्न, कवियों ने सुनाई समाज और संवेदना से जुड़ी रचनाएं
- Post By Admin on Mar 30 2026
लखीसराय : जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन, लखीसराय के तत्वावधान में सोमवार को मासिक कवि गोष्ठी का आयोजन प्रभात चौक स्थित होटल भारती के सभागार में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष अरविंद कुमार भारती ने की, जबकि संचालन देवेंद्र सिंह आजाद ने किया।
कवि गोष्ठी में जिले के विभिन्न कवियों और साहित्यकारों ने भाग लेकर अपनी-अपनी स्वरचित कविताओं का सस्वर पाठ किया। कार्यक्रम की शुरुआत कामेश्वर प्रसाद यादव की कविता “चलो रे भाई अर्घ्य देने घाट, सभी पर्वों में छठ पर्व बड़ा है” से हुई, जिसे उपस्थित श्रोताओं ने काफी सराहा।
इसके बाद सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह ने “मौसम का बदला मिजाज देखो, सहसा प्रकृति का क्रूर मिजाज देखो” कविता के माध्यम से प्रकृति के बदलते स्वरूप को प्रस्तुत किया। बलजीत कुमार ने “दुनिया में रहने वाला इंसान दौलत गिनता है” कविता के जरिए समाज की मानसिकता पर प्रकाश डाला।
मुद्रिका सिंह ने अपनी कविता “सारी दुनिया में आग लगल हो, खैर मनावो मोदी हो” के माध्यम से समकालीन परिस्थितियों को रेखांकित किया। वहीं रोहित कुमार ने “कभी बैठ सो रही तो कभी बैठ मुस्काती हूं, कभी आंखें नम हो रही है तो कभी चौक सी जाती हूं” कविता प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावुक कर दिया।
इसके अलावा राजकुमार ने “जली अस्थियां बारी-बारी”, गुलशन कुमार सिंह ने “नया सफर नए सपने”, भोला पंडित ने “घर परिवार के छोड़ के हम सड़क पर दौड़ लगाबो ही, रिक्शावाला कहलाबो ही” तथा अरविंद कुमार भारती ने “जी हंसने की क्या इसमें थी बात, मालूम नहीं कब होगी फिर हमारी आपकी मुलाकात” कविता का पाठ किया।
कार्यक्रम के दौरान बाल कवि लक्ष्मी नारायण कृष्णा और संगीतकार जितेंद्र कुमार ने भी अपनी प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में चार चांद लगाए। अंत में वरिष्ठ साहित्यकार सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।