विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज से शुरू हुआ परिचालन, छोटे वाहनों की आवाजाही बहाल
- Post By Admin on Jun 08 2026
भागलपुर : भागलपुर के ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज के माध्यम से वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया गया है। लंबे समय से आवागमन बाधित रहने के बाद छोटे वाहनों की आवाजाही बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में सुरक्षा मानकों की जांच के बाद परिचालन को हरी झंडी दी गई।
गौरतलब है कि 3 मई की रात विक्रमशिला सेतु का एक स्लैब नदी में गिर जाने के कारण पुल पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया था। इसके बाद वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बेली ब्रिज निर्माण का कार्य शुरू किया गया। शनिवार को नव निर्मित बेली ब्रिज का सुरक्षा ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद परिचालन प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र और जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और छोटे वाहनों के लिए परिचालन शुरू कराया। फिलहाल इस मार्ग पर केवल निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों को अनुमति दी गई है, जबकि ट्रक, बस, हाईवा और अन्य भारी वाहनों के परिचालन पर अभी रोक जारी रहेगी।
इस अवसर पर पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि आम लोगों को जल्द राहत पहुंचाने का जो वादा किया गया था, उसे पूरा किया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रयासों से रक्षा मंत्रालय और बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) की टीम को बेली ब्रिज स्थापित करने के लिए भेजा गया, जिसके कारण कम समय में यह कार्य संभव हो सका। उन्होंने इसके लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भी आभार व्यक्त किया। मंत्री ने कहा कि अत्यंत कम समय में बेली ब्रिज का निर्माण देश में त्वरित और प्रभावी अवसंरचना विकास का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी हाल ही में विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण कर चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए मरम्मत एवं पुनर्स्थापन कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया था। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया था कि जब तक सेतु पर यातायात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता, तब तक निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाए। विक्रमशिला सेतु पर परिचालन शुरू होने से भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज और सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो पिछले एक महीने से अधिक समय से आवागमन की परेशानी झेल रहे थे।